अपनी मांगों को लेकर शिक्षकों ने दिया धरना, सौंपा ज्ञापन

झाबुआ। मध्यप्रदेश शिक्षक संघ जिला झाबुआ के बैनर तले जिले के शिक्षकों ने षिक्षा विभाग कार्यालय के निकट व्हालीबाल मेदान में जंगी धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों के लिये आन्दोलन किया। शिक्षाक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कोठारी के नेतृत्व में आयोजित इस धरना प्रदर्शन में जिले भर से आये शिक्षक पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन से उनकी जायज मांगों को पूरा करने की पूरजोर मांग उठाई। दोपहर ढाई बजे शिक्षकों ने धरना स्थल से जंगी रैली निकाल कर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम प्रदेश स्तरीय मांगों के लिये तथा कलेक्टर को जिले की समस्याओं के निराकरण के लिये ज्ञापन अध्यक्ष अनिल कोठारी, सचिव कालूसिंह परमार एवं कोषाध्यक्ष रवीन्द्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में सौंपा गया। मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में उल्लेखित किया गया है कि शिक्षक संघ द्वारा कई बार ध्यान आकृष्ठ कराने के बाद भी मांगों को निराकरण नही हुआ है। संचालक लोक शिखण एवं मुख्य सचिव से चर्चा एवं बैठक मे सहमति के बाद भी निराकरण के आदेश जारी नही किए। ज्ञापन के अनुसार आदिम जाति कल्याण विभाग एवं शिक्षा विभाग के लगभग 21 हजार सहारयक शिक्षकों की पदोन्नति शासनस्तर से नही होने से वरिष्ठता के क्रम में पदोन्नति के अलावा प्रदेश शासन द्वारा 2012 में सहायक शिक्षक से उश्रेशिक्षक के पद पर पदोन्नति के 13 हजार 13 पद स्वीकृत किये गये थे किंतु जिला प्रशासन को जानकारी नही देने के कारण एक भी पद स्वीकृत नही किया गया है। 2014-15 में आरईटी के नियमानुसार जिले में 478 शिक्षक पदो की आवश्यकता है प्रदेश के अधिकांश हायर सेकंडरी एवं हाईस्कूल प्राचार्य विहीन है अत: उमावि प्राचार्य को सहायक संचालक, हाईस्कूल प्राचार्यो को उमावि प्राचार्य,व्यख्याता एवं प्रधान पाठक मावि को सीधे प्राचार्य हाईस्कूल के पद पर एवं स्नातकोत्तर उश्रेशिक्षकों को सीधे व्यख्याता पद पर पदोन्नति की मांग की गई। पदोन्नति के अधिकार जिलास्तर पर दिये जाने, एवं प्रदेश के सभी कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ दिये जाने की तरह शिक्षक संवर्ग को इसका लाभ दिये जाने की मांग की गई हे । आदिम जाति विभाग के स्कूलों के शिक्षकों को भी स्कूल शिक्षा विभाग की तरह लाभ दिये जाने, प्रदेश के अन्य कर्मचारियों को 5 कार्य दिवस के सप्ताह की तरह तथा 30 दिन के अर्जित अवकाश के नगदीकरण की सुविधा दिये जाने, अनुकंपा नियुक्ति में बीएड एवं डीएड की अनिवार्यता को समाप्त कर अनुकंपा नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण दिये जाने अध्यापक संवर्ग का संविलियन स्कूल शिक्षा विभाग एवं आजाक विभाग में किये जाने संविदाशाला शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से पूर्ण वेतनमान व पद पर नियमित किये जाने अतिथि शिक्षकों को पांच-सात हजार एवं 10 हजार मानदेय स्वीकृत किये जाने, अनुदातिक शिक्षकों को 5 वे एवं 6ठवे वेतनमान की किश्ते निर्धारित तिथि को भुगतान करने, झाबुआ जिले में एक शिप्ट में विद्यालय संचालित होने से आरटीई नियमों के विरुद्ध एक ही कक्षा में 70-80 छात्रों को एक साथ बैठाकर अध्यापन कराने से शिक्षकों एवं छात्रों को परेशानी आरही है । अत: दो शिप्ट में कक्षायें लगाने की मांग ज्ञापन में की गई वही गैर शैक्षणिक कार्य में सलग्न शिक्षकों का परीक्षा परिणाम प्रभावित होने पर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही से मुक्त रखने की मांग की गइ। इस अवसर पर दीपसिंह सिंगाड, मंगलसिंह पणदा, विनोद सोनी, जयेश शर्मा, अब्दुल हक खान, संजय धानक, अब्दुल हनीफ मंसूरी, हेमंत शुक्ला, चन्द्रकांत टेलर, पारसिंह भूरिया समेत जिलेभर के शिक्षक मौजूद थे।