शान ठाकुर, पेटलावद 

कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार गांव-गांव और फलिया-फलिया में ई केवायसी कैंप आयोजित कर पीडीएस हितग्राहियों की केवायसी 30 अप्रैल 2025 तक पूर्ण किया जाना है। 22 अप्रैल 2025 को तनुश्री मीणा एसडीएम पेटलावद ने ई-केवायसी की दुकानदार समीक्षा हेतु मीटिंग सहकारिता के समस्त प्रबंधक व सेल्समैनों की मीटिंग बुलाई गई थी। चारणकोटडा के विक्रेता श्रीमती शांति दशरथ मैडा लगातार वरिष्ठ अधिकारियों की आदेशों व निर्देशों को नजरअंदाज कर रहे थे। चार महीने पहले स्वयं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पेटलावद तनुश्री मीणा के निरीक्षण में दुकान बंद मिली थी, बुलाए जाने पर नहीं आए और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया था। 22 अप्रैल 2025 को समीक्षा मीटिंग में चारण कोटडा के विक्रेता पुनःअनुपस्थित पाए, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। आरोप पत्र सिद्ध होने पर संस्था पिटोल बड़ी और समूह चारण कोटड़ा को हमेशा के लिए दुकान से हटा दिया जाएगा भविष्य में कभी भी उक्त संस्था/समूह को पीडीएस दुकान नहीं दी जाएगी।

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुरेश तोमर ने चारण कोटडा एवं मोरझरिया दुकान की जांच कार्यवाही कर प्रतिवेदित किया गया कि उचित मूल्य दुकान चारणकोटडा और मोरझरिया के विक्रेता हमेशा समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने के आदि होकर प्रतिमाह उपभोक्ताओं को समय पर खाद्यान्न वितरण नहीं किया जाता है। हर माह के आखिरी दिनों में खाद्यान्न वितरण करते हैं जिससे कई उपभोक्ताओ को राशन के लिए पास की बेकलदा एवं मोहनकोट पीडीएस दुकान पर निर्भर होना पड़ता है। पुनः दुकान के ई-केवायसी निरीक्षण में दुकान बंद मिली एवं केवायसी नहीं की जा रही थी। चारणकोटडा के विक्रेता शांति दशरथ ने संपूर्ण पेटलावद ब्लॉक में सबसे कम केवायसी 73% किया हैं जबकि मोरझरिया के विक्रेता दिनेश गणपत मैडा ने लगातार पिछले 10 दिनों से एक भी केवाईसी नहीं की गईं थी। 

प्रतिवेदन के आधार पर डॉ भीमराव अंबेडकर सहकारी संस्था मर्यादित पिटोल बड़ी और समूह चारण कोटडा द्वारा संचालित क्रमशः उचित मूल्य दुकान मोरझरिया और चारणकोटडा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निकटतम उचित मूल्य दुकान से संलग्न किया गया है। वही 85% से कम केवायसी करने वाले 16 विक्रेताओं के खिलाफ एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए उचित मूल्य दुकान चारणकोटडा, चंद्रगढ़, बखतपुरा, मोरझरिया, कुंभाखेड़ी, पिठड़ी, रलियावन, बैगनबड़ी, भेरुपाड़ा, धोलीखाली, मांडन, गेहंडी, नाहरपुरा, मोकमपुरा, बछीखेड़ा एवं कुंभाखेड़ी के विक्रेताओं पर प्रति दुकान 2000-2000 /- रूपए का जुर्माना कुल 32000 रुपए अधिरोपित किया गया है।

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