पुलिस थाना अमिलिया ज़िला सीधी में 16 वर्षीय अनुसूचित जनजाति समुदाय की नाबालिग फ़रयादी की रिपोर्ट पर अभियुक्त इलियाज उर्फ़ दादू पिता खेरूद्दीन निवासी सिहावल जिला सीधी के विरुद्ध दिनांक 01.01.2021 को धारा-376(2)(n),376 (2)(h) ipc,5j(ii),5L,5q,6 pocso act,3(1)(w)(ii),3(2)(v) sc/st act का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया तथा दिनांक 04.03.2021 को माननीय विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में फरियादिया के बयान,ज़ब्ती,DNA रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त इलियास को दिनांक 27.07.2022 को माननीय विशेष न्यायाधीश सीधी श्रीमती नोरिन निगम द्वारा 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।उक्त प्रकरण में शासन की ओर से श्रीमती भारती शर्मा विशेष लोक अभियोजक सीधी ने बहुत ही मज़बूत पक्ष रखा।

प्रकरण की विशेष बात यह थी की फरियादिया को छोड़कर अन्य साक्षियों द्वारा न्यायालय में पक्ष विद्रोही कथन दिए गए थे इसके बाद भी विवेचक DSP नीरज नामदेव द्वारा अपने अखंडित साक्ष्य तथा उत्कृष्ट विवेचना से विवेचना को न्याय हेतु प्रमाणित किया जिसके आधार पर आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा हुई।
DSP नीरज नामदेव वर्तमान में अलिराजपुर जिले की जोबट तहसील में SDOP के रूप में पदस्थ हैं जो अपनी विशेष कार्यशैली तथा तेज-तर्रार छवि के लिए जाने जाते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *