विश्व पटल पर झाबुआ का हलमा: शिवगंगा झाबुआ करेगी जी20 सम्मेलन में सामाजिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व

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विपुल पांचाल@झाबुआ Live 

जी20 सम्मेलन इस वर्ष भारत में होने वाला है। गैर व्यवसायिक और गैर सरकारी मत और अनुभव को भी इस मंच पर स्थान देने हेतु सरकार ने अलग-अलग फोरम बनाएँ हैं। समाज की आवाज को सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से पहुँचाने हेतु C20 नाम से सिविल सोसाइटी फोरम बनाया गया है। इस फोरम में 13 वर्किंग समूह बनाये गए हैं। जिसमें शिवगंगा संस्था को शामिल किया गया है। इसकी प्रारंभिक बैठक इंदौर में हो चुकी है। झाबुआ के सामाजिक कार्यकर्ता राजाराम कटारा और नितिन धाकड़ इस बैठक में शामिल रहे।

25-26 फरवरी को हो रहा विशाल हलमा जी20 के एक कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया जायेगा, जिससे हलमा एक जन-भागीदारी से विकास के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में जी20 देशों के सामने जाएगा।

शिवगंगा प्रवक्ता विजेंद्र अमलियार ने बताया कि
भारत की भी अन्य सामाजिक संस्थाएँ हलमा और शिवगंगा की प्रक्रिया को समझने के लिए हलमा में शामिल होंगी। 24-25 फरवरी को बाहर से आये विद्यार्थियों, सामाजिक संस्थाओं के लिए हलमा मैदान में ही अलग-अलग कार्यशालाओं का आयोजन भी होगा।

शिवगंगा द्वारा गत 2 दशकों से झाबुआ-आलीराजपुर जिलों में समग्र ग्राम विकास को लेकर एक अभियान चलाया गया। जल, जंगल, जमीन, जानवर, जन और नवविज्ञान के संवर्धन से समृद्धि का यह प्रयोग अब अक्षय विकास को लेकर जन आंदोलन बन चुका है। समाज में सृजनात्मक और विकास की गतिविधियों में जन-भागीदारी के चुनौती रहती है। लेकिन जन भागीदारी से अक्षय विकास की अपनी आदर्श प्रक्रिया से शिवगंगा ने देश विदेश में एक विशेष पहचान बनाई है।

शिवगंगा के प्रमुख, पद्मश्री सम्मानित महेश शर्मा बताते हैं कि स्वार्थ की अपेक्षा परमार्थ की प्रेरणा से लोगों को कार्य के लिए प्रेरित करना शिवगंगा के कार्य का मूल है। शिवगंगा अपने कार्य का प्रभाव बेनेफिशयरी गिनने की जगह समाज में परमार्थी लोगों की सँख्या को मानती है।