जानलेवा साबित ना हो जाए टैंकर से लूटा हुआ तेल

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 भूपेंद्र सिंह नायक@पिटोल
ये वही नेशनल हाईवे का पांच का नाका चार लेन से दो लेन और फिर दो से चार लेन वाला दुर्घटना जोन है जो अकसर खबरोंकी सुर्खियों में आप देखते है।पलटी हुए टैंकर से तेल जैसा कुछ रिसने लगा रंग गंध से सरसों का तेल लगा और तेल बहकर एक जगह इकट्ठा होने लगा।देखते ही देखते तेल ले जाने वाले इकाई से दहाई और दहाई से सेकडो की संख्या में पहुच गए और वो खाली गड्डा जहा तेल रिसकर जा रहा था वो छोटा मोटा तेल का तालाब सा हो गया जो अगली सुबह तक लोगो द्वारा खाली भी कर दिया गया।आस पास के लोगो सहित आस पास के गाव के लोगो ने ये क्या है क्या काम आता है खाने योग्य भी है या किसी काम का भी है या नहीं कुछ भी न सोचते हुए पूरी सिद्दत से सपरिवार बस समेटना शुरू का दिया|।लोग तेल को शीतल पेय की बाटल , तेल की बाटल, बाल्टी , चरु , मटके यहाँ तक की 200 लीटर के ड्रम तक में भरने लगे | जबकि यह तेल ना होकर एक प्रकार का केमिकल है जो साबुन बनाने के की फैक्ट्रियों में उपयोग में जाएगा जाता हैं। शुक्रवार दोपहर 1 बजे से आज शनिवार सुबह तक प्रशासन भी पूरी तरह शांत दिखा लेकिन मिडिया ने मिडिया का काम बखूबी अंजाम दिया सुबह की खबरों से ज्ञात हुआ की वह तेल न सरसों न ही सोयाबीन का न ही किसी भी प्रकार से खाने योग्य है उसका उपयोग तो साबुन बनाने में होता है जिसे साधारण शब्दों में कास्टिक आइल कहा जाता है |जिसका असर ये हुआ की पिटोल व आस पास के समस्त विद्यालयों को निर्देश मिले की विद्यालयीन बच्चो को उस तेल के दुस्परिणाम बताये और समझाया गया की अपने पडोसी रिश्तेदार गाव वाले और वो सभी लोग जिन्होंने तेल इकठ्ठा किया हो उन्हें बताये कि तेल को नष्ट कर दे साथ ही पुलिस का भी एक दल शाउमावि पिटोल पंहुचा जिन्होंने भी बच्चो को समझाया | दोपहर तक पिटोल पुलिस भी आस पास तेल को नष्ट करने का अनाउंसमेंट करने लगी जिसमें पेट्रोल पुलिस चौकी प्रभारी हरनाथ सिंह चौहान के साथ स्वास्थ्य विभाग से पिटोल स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर अंतिम बडोले प्रधान आरक्षक ओमप्रकाश जोशी ने 5 का नाका खेड़ी बावड़ी बड़ी बावड़ी छोटी पिटोल छोटी मौत कुंडला मसूरिया आदि हार गांव जो हाइवे के आसपास में बसे हैं वहां पर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं इसे मवेशियों को भी ना पिलाए मवेशियों को भी मर सकते हैं वही पिटोल चौकी प्रभारी द्वारा पिटोल में सोशल मीडिया पर युवाओं के जितने ग्रुप हैं इस माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने की कोशिश की गई।अच्छी बात ये रही की 24 घंटे तक बिना जागरूक किये भी इस तेल से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। इस तरह लोगो में जागरूकता लाने का निर्देश कहा से आया किसने दिया इसकी पक्की जानकारी को नहीं मिली लेकिन जहा से भी ये निर्देश आया कल ही आ जाता तो लोगो की मेहनत बेकार न जाती ये तो हुई शुक्रवार दोपहर की घटना और इस दुर्घटना के फलस्वरूप 12 घंटे में पांच और अन्य दुर्घटनाये भी घट गयी पांचों घटनाओं में किसी को गंभीर चोंटें नहीं आई किन्तु इन घटनाओं ने फोरलेन निर्माण कंपनी के साथ ही जिला प्रशासन की पोल खोल दी है कि वे रोड पर होने वाले हादसों को लेकर कितनी गंभीर है। अब आप यहाँ प्रयुक्त फलस्वरूप शब्द का प्रयोग समझिये रोड पर फिसलन के कारण दो बाईक सवार फिसलकर गिर पड़े साथ ही फोर लेन की एक लेन पूरी तरह से टैंकर ने ब्लाक कर दी ऐसे में स्थानीय पुलिस ने पास के सबसे पहले डायवर्सन से पत्थरों द्वारा रोड़ को ब्लाक कर रोड को डाइवर्ट कर दिया गया जिस से की राहगीरों को आगे जाकर पलटना न पड़े और किसी तरह की कोई तकलीफ ना आये |दोपहर 1 बजे से शाम तक तो सब ठीक था लेकिन रात आठ बजे से एक बजे के बीच पहले एसयुवी क्रमांक जीजे 20 एन 3645 को आयसर क्र. एमपी 09 जीजी 9061 ने टक्कर मारी तो बाद में उसी स्थान पर दो अन्य आयसर क्रमांक एमपी 09 जीएफ 2608 जो कि फुलों से व आयसर क्र. एमपी 13 जीए 5553 लहसुन से भरी थी पलटी हो गई। इन्दौर निवासी सद्दाम खान नें बताया कि वाहन से 20 कट्टे चोरी हो गऐ है जिसकी सुचना वे पुलिस को दे रहे है। इन्होने बताया कि रोड पर संकेतक नहीं होने व रात में रोड पर अचानक पत्थरों के दिखाई देने से ये दुर्घटनाऐं हुई है।नेशनल हाईवे की अथॉरिटी द्वारा ध्यान न देने पर यह रोड अधूरा है आए दिन यहां पर दुर्घटनाएं होना आम हो गया है हर आठ पंद्रह दिन में दो चार वाहन यहां पलटी खाई जाते हैं परिवहन विभाग के लोग बीसी रोड से गुजरते हैं परंतु इस गंभीर समस्या की तरफ उनका ध्यान भी नहीं है पिटोल बॉर्डर से इंदौर तक का रोड का टोल वसूला जा रहा है पर अभी तक कोई फुलमाल बावड़ी फाटा पांच का नाका मछलियां घाट आदि जगहों का टूलेन से फोरलेन पर मैं कब परिवर्तित होगा इसका प्रशासन सरकार और जिला प्रशासन के पास भी कोई जवाब नहीं है न जाने और कितनी जनों का खामियाजा इस रोड पर लोगों को भुगतना पड़ेगा।

 

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