मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में विगत दिनों से कृषक बारिश की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे ।जिन्होंने बीज बो दिए थे वे उगने का इंतजार कर रहे थे तथा जिन खेतों में बीज अंकुरित हो गए थे उन्हें जीवित रखने की जुगत की जा रही थी ऊपर वाले ने कुछ मेहरबानी की तथा बादल जमकर बरसे। आम्बुआ अडवाड़ा झौरा बोरझाड़ आदि अनेक ग्रामों के कृषक विगत 15 दिनों से अधिक समय से बारिश की प्रतीक्षा कर रहे थे ।यहां से 10-11 किलोमीटर दूर के सुदूर क्षेत्र में वर्षा होने की खबरें आती रही। मगर इन क्षेत्रों में इंतजार ही होता रहा कुछ कृषकों ने हल्की वर्षा के बाद खेतों में बुवाई कर दी तो कई बुवाई की प्रतीक्षा कर रहे थे जिन्होंने खेतों में बीज बो दिए उनमें से कुछ खेतों में बीज अंकुरित हो गए जिन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा था कई खेतों में पड़े बीज खराब हो गए जिस कारण कृषकों को दोबारा बुआई करना पड़ सकती है। कृषक भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि बारिश हो जाए उनकी प्रार्थना लंबे इंतजार के बाद 10 जुलाई की शाम से देर रात तक हुई झमाझम बारिश से पूर्ण हुई। अच्छी वर्षा से फसलों को राहत मिली वहीं नदी नालों में भी पानी बह निकला संभावना है कि आगामी दिनों में और अधिक तेज बारिश होगी जिससे कृषक को को राहत मिलेगी वर्षा की खैच के कारण इस वर्ष बुवाई का रकबा कम होने की संभावना है। Post navigation विधायक के सांकेतिक धरने की चेतावनी के कुछ घंटो पूर्व अप्रोच मार्ग पर हुआ डामरीकरण, जिलाधिकारियों के मौके पर आने की मांग पर अड़े विधायक मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर की एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल – मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन