स्वार्थी तत्वों के कारण जयस संगठन अपने मूल उद्देश्यों से भटक गया है – महेश पटेल

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पीयूष चन्देल, अलीराजपुर

 गरीब शोषित आदिवासियों के सर्वांगीण उत्थान का संकल्प लेकर जयस ने जो संगठन खडा किया था आज वही जयस अपने संगठन के कतिपय स्वार्थी तत्वों के कारण अपने मूल उद्देष्यों से पूरी तरह भटक गया है। यह आरोप प्रेस नोट के माध्यम ये जिला कांग्रेस कमेटी अलीराजपुर के जिलाध्यक्ष महेश पटेल ने लगाते हुए जयस संगठन की कार्यप्रणाली पर  गहरा रोष जाता कर अफसोस जाहिर किया है। आपने बताया कि गत दिवस सोशियल मीडिया पर जयस संगठन के नाम से कतिपय तत्व ने उनके खिलाफ अनर्गल, बेबुनियाद ओर झूठी बयानबाजी कर उनकी छवि को खराब करने की कुचेष्टा की थी। इसके खिलाफ उन्होंने पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज करवाई है।तथा पोस्ट करने वालो के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की भी मांग की है। आपने बताया कि वे ओर उनका परिवार तो आजादी के बाद से वर्षो से आदिवासी समाज की सेवा ओर राजनीति करते आ रहा है। जयस संगठन उन्हें किसी प्रकार की सीख ना दे।वे संगठन के विरोध में नही है, परन्तु संगठन के कुछ लोग अपने स्वार्थ की रोटियां सेंकने में लगे है। जिससे यह संगठन विखंडित हो गया है। संगठन में अनेक गुटबाजी हो गई है। आधारविहीन बदमाश तत्व संगठन के नाम पर अपनी दुकानदारी चला रहे हैं, और आम जनता और जिला प्रशासन में भय और ख़ौफ़ का माहौल उत्तपन्न कर रहे हैं। संगठन के लोग कतिपय तत्व समाज सेवा ओर गरीब आदिवासी समाज का उत्थान कम ओर राजनीति ज्यादा कर रहे है। जबकि इन संगठन के लोगो को निःस्वार्थ ढंग से पूर्ण त्याग निष्ठा ओर समर्पण भाव से आदिवासी समाज के हित में काम करना चाहिए। आज देश में आरक्षण का मुद्दा बड़ा गम्भीर बना हुआ है।समाज को इसकी लड़ाई लड़ना चाहिए। जिले में अवैध शराब और अवैध रेत खनन ओर परिवहन का कारोबार जमकर बेखोफ चल रहा है, उसके खिलाफ आंदोलन होना चाहिए। समाज में वर्षो से जड जमाई हुई विभीन्न कुरीतियों जैसे शराबखोरी, दहेज प्रथा, अशिक्षा,
अन्धविश्वाश, बेरोजगारी, भांजगड़ी आदि को दूर करने के प्रयास करने चाहिए। शादी ब्याह में जो डीजे ओर शराब के नाम पर फिजूलखर्ची होती है, उस पर अंकुश लगाना चाहिए। आदिवासी समाज में जन जाग्रति का अभियान चलाना चाहिए। जल जंगल और जमीन कैसे बचें इस पर विचार होना चाहिए।  आधुनिकता की वजह से आदिवासी समाज अपना मूल हिंदू धर्म, संस्कृति, सभ्यता,
परम्परा, रिती रिवाज, तीज त्यौहार से दूर होने लगा है। ऐसे भटकते आदिवासी समाज को आदिवासी संस्कृति ओर सभ्यता से जोडने का प्रयास जयस संगठन को करना चाहिए। समाज का अधिकांश युवा वर्ग भंयकर नशाखोरी में डूब रहा है। आदिवासी कर्ज मे बर्बाद हो रहा है। रोजगार की तलाश में बाहरी शहरों में जा रहे आदिवासी मजदूर दुर्घटना में बेमौत मारे जा रहे है। ऐसे गरीबों को उन्नत खेती ओर रोजगार से जोड़ना चाहिए।आपने  बताया कि जिले में एक चौथाई आदिवासी बच्चे सिकलसेल एनीमिया की गंम्भीर बीमारी से पीड़ित है। इसके अलावा जिले में सिलोकोसिस बीमारी से आदिवासी वर्ग पीड़ित है । बड़ी संख्या में लोग मर गए है। इनके हित ओर इनके इलाज की लड़ाई लड़ना चाहिए। जिस प्रकार सोंडवा क्षेत्र के समाजसेवी शंकर भाई तड़वाल ने सुप्रीम कोर्ट जाकर सिलोकोसिस बीमारी से पीड़ित आदिवासियों को न्याय दिलाया ऐसी पुनीत समाज सेवा होना चाहिए।
कांग्रेस नेता पटेल ने बताया कि वे समाज के साथ हो रहे इस अन्याय, कुरीतियों, बुराइयों के खिलाफ शुरू से रहे हैं, और यदि  जयस इसकी लड़ाई लड़ता है, तो इस संघर्ष में वे स्वयं सबसे आगे खड़े होकर इसकी अगुवाई करेंगे। आपने बताया कि जयस संगठन से अनेक सरकारी आदिवासी कर्मचारी भी जुडे हुए है, ये अच्छी बात है, किंतु इनमें से कुछ कर्मचारी ना तो समाज सेवा कर रहे है, ओर नही ईमानदारी से सरकारी दायित्वों का निर्वहन कर रहे है। कर्मचारी संगठन से जुडे ओर समाज सेवा करें यह सराहनीय बात है, परन्तु कम से वे राजनिति ना करें। पिछले दिनों आजादनगर ग्रामीण क्षेत्र के दो शिक्षक स्कूल में अपना मूल अध्यापन कार्य छोड कर नेताओं की भांति ज्ञापन देने के लिए संगठन के साथ आजादनगर गये ओर शासन प्रशासन के खिलाफ खुले आम नारेबाजी की। निःसंदेह उनका यह कृत्य सिविल सेवा आचरण के खिलाफ था। इसलिए जिला प्रशासन ने उन्हें निलम्बित भी किया है। इसमें क्या गलत हुआ। अध्यापन कार्य छोडकर राजनिति करने चले आये ऐसे शिक्षकों के कारण बेचारे आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड हुआ है। ऐसे कामचोर शिक्षकों को बहाल करने के लिए जयस के कतिपय लोगो ने जिला प्रशासन पर नाजायज दबाव बनाया। बात नही बनने पर उन्होंने जिला बंद करने की गीदड़ धमकी दी। निकट ही आदिवासियों का भगोरिया ओर होली पर्व है। जिले में त्यौहारिया हाट चालू हो रहे है। वर्ष भर के इंतजार के बाद ग्रामीण क्षेत्रो से आदिवासी नर – नारी त्यौहारों की खरीददारी के लिए हाट बाजार में आऐंगें। ऐसे में जिला बंद करवाना कंहा तक जायज था…? यह स्थिति जयस संगठन की संर्कीण ओर आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। पटेल ने बताया कि जिला बंद करने के इस निर्णय से जयस संगठन के ही मुख्य पदाधिकारी ओर समर्पित कार्यकर्ता भी नाराज ओर अचंभित है। ऐसे लोगो ने उनसे मुलाकात कर इस निर्णय की घोर निंदा की ओर इसे संगठन के कतिपय स्वार्थी लोगो का मनमाना ओर एकतरफा निर्णय बताया। इस मामले में संगठन के मुख्य पदाधिकारियों ओर कर्ताधर्ताओं को विश्वास में नही लिया गया था। पटेल ने जिले वासियों को आश्वस्त किया है, कि जबरन जिला बंद जैसे अन्य जन विरोधी कोई कदम जयस ने यदि कभी उठाया तो उनके विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कानूनी कार्यवाही की जावेगी। आपने बताया कि आलीराजपुर के ग्राम अम्बारी में पदस्थ एक आदिवासी शिक्षक मोहनसिंह भिंडे किसी कारणवश स्कूल में अनुपस्थित थे। मात्र इस छोटे से कारण पर कलेक्टर ने उस गरीब आदिवासी कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त ही कर दिया। इस मामले की फाइल चलाने वाले एक बाबू को भी कलेक्टर ने जबरन निलंबित कर दिया। जयस के लोगो को ऐसे गंम्भीर ओर नाजायज मामले नही दिखाई देते है। उन्होंने प्रश्न किया कि ग्राम अम्बारी का सेवा से बर्खास्त होने वाला शिक्षक आदिवासी नही था क्या..?उसकी लड़ाई जयस क्यो नही लड़ रहा है..?आपने कहा कि उन्होंने हमेशा आदिवासी हित ओर उनके शोषण के खिलाफ़ आवाज बुलंद की है। आपने यह भी स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश में जो कांग्रेस की सरकार बनी है, ओर जिले में कांग्रेस के आदिवासी विधायक बने है, वो जयस के ऐसे कतिपय स्वार्थी समाज विरोधी लोगो के कारण नही बने है, बल्कि उनकी अपनी एक साफ स्वच्छ छवि थी ओर अपने उत्कृष्ट कृतित्व ओर व्यक्त्तिव ओर सेवाभाव के कारण चुनावे जीते है। कतिपय स्वार्थी ऐसे वे लोग यह ना समझे कि उनके बदले चुनाव जीते है। आपने कहा कि वे आदिवासी हित की सोच समझ ओर उनके विकास की लडाई में विश्वाश रखते है। निःस्वार्थ समाज सेवा की सोच रखने वाले जयेस संगठन में भी आस्था विश्वास ओर सम्मान रखते है, परन्तु संगठन में कतिपय जो स्वार्थी ओर मौका परस्त लोग राजनिति कर रहे है तथा जिनका समाज हित से कोई सरोकार नही है, उनका वे विरोध करते है। उन्होने संगठन से जुडे कतिपय नेतागिरी करने वाले आदिवासी कर्मचारियों को भी साफ साफ सलाह दी है, कि या तो वे ईमानदारी से नौकरी कर ले या समाज सेवा करले तो बेहतर होगा। या फिर नौकरी से इस्तीफा देकर मैदान में उतरकर चुनाव लड ले। नेतागिरी करके सरकार के साथ ओर मासूम बच्चों के साथ खिलवाड़ क्यो कर रहे है।
आपने बताया कि ऐसे मक्कार, कामचोर ओर राजनिति करने वाले कर्मचारियों की कांग्रेस संगठन एवं विधायकों के द्वारा सूची बनाई जा रही है, जिसे मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौंपकर उनके विरूद्ध कडी कार्यवाही की अनुशंसा की जायेगी। स्वस्थ, निःस्वार्थ, सर्वांगीण ओर समर्पित भाव से आदिवासी समाज की सेवा करने वाले जयस संगठन सहित अन्य ईमानदार लोगो का सदैव सम्मान ओर सहयोग किया जायेगा। आपने कहा कि जयस की छवि धूमिल करने वाले कुछ बेनामी बदमाश तत्व जयेस के नाम पर उनके खिलाफ सोशियल मीडिया पर आधारविहीन, झूठे आरोप लगाकर दुष्प्रचार कर रहे हैं, और उनकी छवि को खराब करने का कुत्सित प्रयास कर रहे।ऐसी झूठी बयानबाजी से वे ना तो डरते है और ना ही घबराते है। ऐसे तत्वों के खिलाफ वे कानूनी कार्यवाही कर उन्हें दण्डित करेंगे। जिन्होंने आरोप लगाए हैं, वे या तो अपने आरोप सिद्ध करके बताए। ऐसे लोगो के खिलाफ वे मानहानि का दावा भी ठोकेंगे।
ऐसे लोगो को कड़ा सबक सिखाया जाएगा। आपने जयस संगठन को चेतावनी दी है, कि वे ऐसे स्वार्थी असामाजिक तत्वो को काबू में रखे या उन्हें संगठन से बाहर करने का तत्काल रास्ता दिखाए।
श्री पटेल ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ जयस संगठन के कतिपय तत्व परिवारवाद और मेरे छोटे भाई विधायक मुकेश पटेल के संबंधों के बारे में जो अनर्गल टिप्पणी कर रहे हैं, उन्हें मैं स्पष्ट रूप से चेतावनी दे रहा हूं कि पिछले 40  सालों से उनका परिवार कांग्रेश के प्रति निष्ठावान रहा है, और आगे भी रहेगा। गत 15 सालों में अलीराजपुर जिले में कांग्रेस पार्टी व संगठन को जिंदा रखने के लिए स्वयं उन्होंने व उनके परिवार के सदस्यों ने ओर प्रदेश संगठन द्वारा नियुक्त जिलाध्यक्ष को हमेशा साथ में लेकर और सहयोग करते हुए मजबूती से कांग्रेस संगठन को जिंदा रखा है।
लोकतंत्र में पार्टी में टिकट मांगने का हक सभी को है, यह जरूर है कि टिकट मैंने भी मांगा था किंतु मुझे ना टिकट मिला तो मैंने कांग्रेस पार्टी के द्वारा मेरे भाई को दिए गए टिकट पर पूरा समर्थन व्यक्त करते हुए तन मन धन से सहयोग करते हुए विधायक का चुनाव जिताने में पूरी ताकत लगाई है। हमारे परिवार ओर कांग्रेस संगठन में पूर्ण एकता और भाईचारा है। जयस के कतिपय तत्व फुट डालो ओर राजनीति करो कि कुनीति से बचे। जो तत्व इस प्रकार की टिप्पणी जयेश के माध्यम  कर रहे हैं, उनकी सारी करतूतों को मेरे द्वारा नियमित तौर पर उजागर किया जाएगा।

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