वन विभाग ने खत्म की डोलोमाइट खदान की एनओसी

अलीराजपुर लाइव डेस्क ॥ वन विभाग अलीराजपुर ने 13 साल पुरानी पूर्व विधायक वेस्ता पटेल की एक शिकायत के आधार पर “मिलन कुमार माहेश्वरी” की स्वीकृत “डोलोमाइट” खदान जो कि कुंड गांव में खसरा क्रमांक 611 पर स्थित है उसकी एनओसी को निरस्त कर दिया है ओर तकनीकी रुप से इसके साथ खदान का अस्तित्व अब खतरे में पड गया है ।

 

फैसले में यह बताया निरस्ती का कारण

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अलीराजपुर वन महकमे ने खदान की एनओसी की निरस्त्रीकरण का कारण अपने आदेश मे यह बताया है कि “खदान आरक्षित वन क्षैत्र में स्थित है ओर तत्कालीन वन विभाग के अधिकारियों ओर कर्मचारियों नें गलत एनओसी जारी करने के लिऐ गलत सत्यापन कर खननकर्ता का गलत तरीके से साथ दिया ओर इस काम मे तत्कालीन कुछ राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत थी लिहाजा वेस्ता पटेल की इस संबध मे शिकायत जांच के दोरान सही पाई जाती है ओर खदान की एनओसी निरस्त की जाती है ।

 

सत्यापन में झुठ पकडने का दावा

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वन विभाग अलीराजपुर ने इस मामले में एनओसी निरस्त करने का एक आधार ओर बताया है निरस्त्रीकरण आदेश के अनुसार तत्कालीन समय मे एनओसी जारी करने के पूव॔ “स्थल निरीक्षण का मोका पंचनामा पर सत्यापन करने में किसी मदन माहेश्वरी ओर ओ.एल.सोमानी ने हस्ताक्षर किये थे जिसमे खदान स्थल को आरक्षित वन्य क्षैत्र सें 265 मीटर दुर होना बताकर सत्यापन करवाया गया था ओर उक्त पंचनामे पर इन दोनो के हस्ताक्षर है।

 

कार्रवाई के लिऐ शाशन ओर कलेक्टर को लिखा

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अलीराजपुर वन विभाग ने खदान की एनओसी निरस्त्रीकरण के कई आधारों का हवाला देते हुऐ लिखा है कि तत्कालीन वन ओर राजस्व महकमे के अमले ने गलत तरीके से एनओसी जारी की थी ओर कई तथ्यो को छिपाया था जिसमे सबसे बडा तथ्य यह था कि खदान को आरक्षित वन्य क्षैत्र से 265 मीटर दुर होना बताया गया था जबकि खदान आरक्षित वन क्षैत्र में ही है ।अतः अब उन तत्कालीन वन अधिकारियों ओर कर्मचारियो ओर राजस्व कर्मीयों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित करने को लिखा गया है ।

 

यह बोले जिम्मेदार

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” मैनै शिकायत का निपटारा किया है बाकी मुझे कछ नही कहना आप चाहे तो आरटीआई के जरिऐ आदेश की प्रति ले सकते है ” (आर.एस.सिकरवार-डीएफओ अलीराजपुर)