भीली भाषा में पेसा एक्ट का प्रशिक्षण दिया, पूर्व राज्य मंत्री ने बताया एक्ट का महत्व बताया

बुरहान बंगड़वाला

ना लोकसभा ना राज्यसभा सबसे बड़ी ग्राम सभा का नारा देने वाला ऐसे हमारे महापुरुष स्वाभिमान और पेसा एक्ट का जननायक स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह भूरिया जी ने हमारे देश के आदिवासियों की चिंता की ओर पेसा एक्ट बनाया और प्रदेश में लागू किया गया आदिवासियों को जल जंगल जमीन पर जायज हक मिला। 

पेसा एक्ट के जननायक महापुरष स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह भूरिया  की सुपुत्री पूर्व राज्य मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मेरे पूजनीय पिता स्वर्गीय दिलीपसिंह  भूरिया  ने पेसा नियम को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करवाने की मुझे यह कहते हुए हर्ष और गर्व हो रहा है कि सदियों से जनजातीय समुदाय की स्वराज की कल्पना को मध्य प्रदेश सरकार ने पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार नियम 15 नवंबर 2022 को पेसा नियम लागू किया गया था। प्रदेश के इसे 20 जिलों में पेसा कानून के लागू होने से 89 विकासखण्डों की ग्रामसभाएं अब बहुत अधिक शक्तिशाली होने जा रही है अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम सभा अपनी जनजातीय परंपराओं प्रथाओं और संस्कृति रीति रिवाज पहचान को बनाए रखते हुए सामुदायिक साधनो भूमि, जल और वन का प्रबंध कर सकेगी सामुदायिक और पारंपरिक प्रथाओं के अनुरूप विवादों के निराकरण भी समिति करेगी। गांव के स्वास्थ्य आंगनवाड़ी केंद्रों स्कूल आश्रम और सामाजिक क्षेत्र की सभी योजनाओं के लिए निरीक्षण और मूल्यांकन का अधिकार भी पेसा कानून से ग्राम सभा को ही मिलेगा पेसा कानून अनुसूचित क्षेत्रों के निवासियों का सामाजिक और आर्थिक विकास करेगा और समावेशी समाज का निर्माण होगा आज के सेक्टर स्तरीय पेसा प्रशिक्षण एक दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित पेसा एक्ट के ब्लॉक समन्वयक  विजु मावी, जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक तेजसिंह देव  ,जन अभियान सेक्टर पारा प्रभारी अर्पित भूरिया, पारा सरपंच ऊकार डामोर, बावड़ी सरपंच वेस्ता जमरा ,दिलीप डावर, दिलीप किराडे,  किशोर भाबर,  बसंत परमार, राकेश कटारा, चितु सिंह मेड़ा ,राजेंश पारगी,मुनिया  हिहोर जन अभियान प्रामर्शदाता,नवांकुर संस्था प्रमुख राजेश सोयडा अभियान परिषद के प्रस्फुटन समिति अध्यश विजेंद्र बघेल, बी एस डबल्यू छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता, मोबिलाइजर, जनसेवा मित्र, सेक्टर के सभी सचिव आदि प्रतिभागी उपास्थित रहे।