कांग्रेस के गुटीय झगड़े से बचने के लिए झाबुआ-आलीराजपुर की बार्डर से वापस लौटे प्रभारी मंत्री

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झाबुआ विधानसभा उपचुनाव की दहलीज पर खड़ी कांग्रेस गुटीय राजनीति की शिकार हो गई है। आज इसकी सबसे बड़ी बानगी तब देखने को मिली, जब झाबुआ-आलीराजपुर के प्रभारी मंत्री सुरेंद्रहनी बघेल को झाबुआ का अपना तय कार्यक्रम निरस्त करते हुए झाबुआ-आलीराजपुर जिले की सीमा से बिना झाबुआ आए वापस लौटना पड़ा।
दरअसल, तय कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री को साढ़े 12 बजे झाबुआ पहुंचना था और इसी को देखते हुए जेवीयर मेड़ा गु़ट और कांतिलाल भूरिया गुट ने झाबुआ के आउटर पर अपने समर्थको के साथ शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की हुई थी। दोनो गुटो के समर्थक कमलनाथ और अपने-अपने नेताओ के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। सूत्र बताते है कि शक्ति प्रदर्शन होने की संभावना की जानकारी प्रभारी मंत्री सुरेंद्रहनी बघरेल को लग गई थी और इसी के चलते प्रभारी मंत्री ने अपना दौरा अचनाक कैंसल करते हुए उदयगढ़-कनास से ही वापस लौटने का फैसला किया।
इस दौरान लगातार दोनो गुटो की ओर से फोन लगाए जाते रहे और उनकी लोकेशन पूछी जाती रही। प्रभारी मंत्री की ओर से बार-बार राणापुर क्रास होने संबंधी दी जाती रही, लेकिन अंतत: प्रभारी मंत्री इंदौर के लिए रवाना हो गए। सूत्र बता रहे है कि झाबुआ में प्रभारी मंत्री के पहुंचने पर जेवियर और कांतिलाल भूरिया समर्थको की शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ अप्रीय हालात बनने की संभावना थी, जिसे भापकर प्रभारी मंत्री ने झाबआ दौरा रद्द कर दिया। हालांकि अधिकृत तौर पर प्रभारी मंत्री का दौरा रद्द होने की वजह नही बताई गई है, लेकिन वजह राजनीतिक जानकार यही मान रहे है। प्रभारी मंत्री से उनका पक्ष जानने के लिए लगातार संपर्क किया गया, लेकिन उनका फोन नही लगा।