https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2021/04/Project_04-20_SD-360p.mp4 अशोक बलसोरा झाबुआ जहां एक ओर समुचा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है ऐसे में झाबुआ जिले के पारा कस्बे में स्थिति काफी भयवाह बानी हुई है प्रॉपर पारा के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना काफी फेल गया है ऐसे में प्रशासन के दुवारा लगाया गया लाकडाउन बेअसर साबित हो रहा है वह भी यहां की स्थानीय पुलिस और रामा तहसीलदार आशीष राठौड़ के लापरवाही के चलते ये अपनी टीम के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा आपदा को भी हमचाहे तो अवसर में बदल सकते है । यहां की पुलिस और तहसीलदार ने कैसे आपदा को अवसर में बदल लिया यह देखने लायक है जी हाँ हम को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह टीम दिन भर तो आराम करती है और देरशाम को एकादुक्का व्यपारियो पर चालानी कार्यवाही कर के दूसरे व्यापारियों से वशूली अभियान के अन्तर्गत आपदा को अवसर में तब्दील कर लेते है। एक दो व्यपारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमसे 25000 रु मांगे है । और ओर साथ ही यहाँ लोगो का आनाजाना इस बात की पुष्टि करता है कि लॉग डाउन का कहि से कही तक असर देखने को नही मिल रहा है जबकि कोरोनो इस क्षेत्र में बहुत ज्यादा फैला हुआ है दर्जनों मौत हो चुकी है। ऐसे में पुलिस की लापरवाही सभी को भारी पड़ सकती है यह डेली सेकड़ो लोगो का ओर गुजरात की बसों के अलावा बारात की दर्जनों चार पहिया वहान बे रुक टोक निकल रहे है और यह सब पारा पुलिस मूकदर्शक बन देखती रहती है जो कही न कही पुलिस की मिली भगत होने का इशारा करती है क्या ऐसे कोरोना से निजात पाया जावेगा क्या ऐसे कोरोना की चेन को तोड़ा जा सकेगा । यह सोचना होगा आला अधिकारियों को भो ओर पारा की जनता को भी ।वरना स्थिति बहुत ही भयवाह हो सकती है । वैसे तो कोरोना गाइड लाइन का पूरा पूरा पालन किया जा रहा है और यदि कही कुछ गलत हो रहा है तो हमे बताये हम तत्काल कारवाही करेगे हर हाल में हमे कोरोना से जितना है । आशुतोष गुप्ता पुलिस अधीक्षक झाबुआ Post navigation चैत्र नवरात्रि: माताजी मंदिर पर मूर्ति स्थापना और निकली कलश यात्रा ग्रामीण महिला ने लगाया स्टाफ नर्स पर आरोप- बच्चे की तबियत ज्यादा खराब है और नर्स करती है अभद्र व्यवहार.