जितेंद्र वाणी (राज), नानपुर अलीराजपुर जिले के ग्राम पंचायत नानपुर से जो कि 25 ग्राम पंचायतों जुड़ी है वहीं बारिश के समय अधिक पलायन होने से बाजारों में सन्नाटा छाया हुआ है कुछ मजदूरों से अलीराजपुर लाइव ने चर्चा की तो उन्होंने बताया कि हम यहां से महाराष्ट्र, गुजरात, पुणे अन्य जगह पर जाते हैं जहां पर एक प्लेटफार्म बना हुआ है वहां खड़े हो जाते हैं और वहां पर से हमें दलाली के हिसाब से जिसको भी जरूरत होती। वह हमें उस जगह से काम के लिए ले जाते है 2 से 3 दिन का सफर कर अपने साथ खाने-पीने या अन्य सामान भी साथ में ले जाते हैं, जब ठेकेदारों से पूछा गया कि आपके उधर मजदूरों की कमी रहती है। तो उनका कहना था कि अलीराजपुर एवं झाबुआ जिले की जो मजदूर रहते हैं वहां बहुत ही मेहनती रहते हैं और काम को सही ढंग से करके अच्छा परिणाम देते हैं। इसलिए हम यहां के मजदूरों को अधिक राशि देकर यहां से ले जाते और उनकी मांग भी है। ग्रामीण श्रमिक हजारों किलोमीटर अपना सब कुछ छोड़कर अधिक राशि के लिए जाते हैं। इसके विपरीत पलायन होने से बाजारों में कपड़ा, होटल के दुकानदार द्वारा व्यापार नहीं होने से निराश है वही सरकार द्वारा योजनाओं को बंद करने से भी जिले में पलायन होते दिख रहा है इसे में सरकार को जिले में उद्योग केंद्र खोल के बेरोजगारों को रोजगार देना पहली प्राथमिकता है। ) Post navigation गौशाला में दिए 11 हजार रुपए दान 8 वर्षों से मेघनगर उत्सव समिति अध्यक्ष पद पर कार्यरत निलेश भापुरिया का इस्तीफा