मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ कस्बे में यो तो रामदेवपीर का ना तो कोई मंदिर है और नहीं समाधि है मगर इसके बावजूद भादो मास में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को तेजा दशमी मनाई जाती है यहां का एक परिवार जो कि वर्तमान में रतलाम में रह रहा है विगत कई वर्षों से तेजा दशमी की शाम शंकर मंदिर प्रांगण में वीर तेजाजी रामदेव पीर को समर्पित निशान झंडे) लगाता आ रहा है । इस वर्ष भी भूपेंद्र सिंह सिसोदिया सपरिवार आम्बुआ आकर 19-09-18 को गाजे बाजे के साथ अपने परिवार तथा अन्य स्थानीय रिश्तेदारों एवं मित्र परिवारों के साथ झंडे लेकर कस्बा आम्बुआ मे जुलूस के साथ शंकर मंदिर प्रांगण पर निशान (झंडा) लगा कर पूजा अर्चना की उनके साथ परिवार के लोग उपस्थित रहे। Post navigation Previous Post डोल ग्यारस पर्व पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, उड़ेगा रंग गुलाल