झाबुआ Live के लिए ” अर्पित चोपड़ा ” की EXCLUSIVE रिपोर्ट । देवास के नागदा गांव से भटकता हुआ झाबुआ जिले के कसारबरडी गांव मे पहुंचा टाइगर कल शाम को रायपुरिया के समीप बनी & बावरिया गांव मे देखा गया था ओर आज सुबह सुबह वन विभाग ने बनी इलाके मे टाइगर होने की पुष्टि कर दी है । डीएफओ राजेश खरे के अनुसार बीती रात बनी के पास टाइगर ने एक जंगली सुअर का शिकार किया है ओर उसे आधा खाया भी है ओर शेष आधा खाने के लिए फिर लोट सकता है किसान महेश सोलंकी के खेत मे किया सुअर का शिकार । टाइगर की बनी ओर उससे सटे गांव मे मोजूदगी की पुष्टि होने के बाद अब वन विभाग आज रायपुरिया को अपने कैंप बनाकर आज नाइट विजन कैमरै लगाएगा ओर हाथियों के साथ साथ रेस्क्यू टीमों को बनी इलाके मे शाम तक लाया जायेगा । वही टाइगर को बेहोश करने वाली गन के साथ शुटर भी बनी इलाके मे काल किये गये है डीएफओ राजेश खरे ने बताया कि हमारी अब कोशिश होगी कि टाइगर को बेहोश कर उसे पिंजरे मे डालकर रिजव॔ फारेस्ट एरिया मे छोडा जाये जो एरिया उसके लिए मुफ़ीद हो । कहीं झाबुआ की ओर तो नहीं बढ रहा टाइगर ? ======================== बायरोड इस समय बनी मे मोजूद टाइगर झाबुआ जिला मुख्यालय से 42 किलोमीटर दुर है ओर बिना रोड के करीब 35 किलोमीटर दुर है । सवाल यह भी है कि टाइगर की अगली मूवमेंट कहाँ होगी ? झाबुआ की ओर बढने पर उसका ठिकाना कहाँ होंगा ? कट्ठीवाडा का जंगल या हाथीपावा पहाडी के पीछे का जंगल ? जहां भरपूर नीलगाय ओर जंगली सुअर उसकी खुराक के लिए मोजूद है । या फिर यह कल्याणपुरा ओर कालीदेवी इलाके के जंगल की ओर भी रुख कर सकता है । एक संभावना फिर से कसारबरडी की ओर लोट जाने की भी है । Post navigation मप्र क्रिकेट टीम में हेमेंद्र मोहनिया का चयन होने से जिले में हर्ष शहीद हेड कांस्टेबल अरविंद सेन के दो हत्यारे गिरफ्तार होने की खबर ; चार की तलाश जारी