झाबुआ लाइव डेस्क- भारती सोनी ने झाबुआ की पथरीली जमीन पर आदिवासी परम्परा को विश्वभर में संदेश के रूप में प्रसार करने का संकल्प लेते हुए एक विशाल पेंटिंग्स एक्जिबिशन का आयोजन इंदौर के ज्वाला माता मंदिर परिसर में स्वर्णकार सोशल ग्रुप इंदौर के माध्यम से किया। चित्रकार भारती सोनी के अनुसार सभी पेंटिंग्स झाबुआ के आदिवासी प्रथा ‘हलमा’ पर आधारित है जिसमे बच्चे, बुजुर्ग, महिला, पुरुष सभी को साथ काम करते हुए व कठिन परिश्रम कर प्यासी धरती की प्यास बुझाने के नि:स्वार्थ कार्य करते हुए व सहयोग के साथ प्रयत्न करते हुए अलग अलग छवियों को दर्शाया गया है। कलाकार के अनुसार ये सारी कृतियां वोटर कलर से उकेरी गई है व फ्रेमिंग के लिए विशेष रचनात्मकता (पेपर रोल का प्रयोग) किया गया है। 22 अक्टूबर को इंदौर के ज्वाला माता मंदिर परिसर में इस प्रदर्शनी का शुभारंभ आनन्द स्वरूप सोनी, उप पुलिस अधीक्षक उज्जैन व गायत्री सोनी पुलिस विभाग उज्जैन ने फीता काटकर किया गया। समिति के अध्यक्ष पन्नालाल रमेश सोनी, रामनारायण सोनी व सभी सदस्यों के साथ ही हजारो दर्शकों व कलाकारों ने पेंटिंग्स देख, प्रशंसा की। अपने इस कार्य की सफलता झाबुआ के सभी सहयोगी व संस्था को मानकर भारती सोनी ने सभी का आभार माना। इसी दौरान स्वर्णकार सोशल समिति द्वारा सोनी को समाज की गौरव चित्रकार एवं संगीतज्ञ के रूप में शॉल-श्रीफल व स्मारक प्रतीक देकर सम्मानित किया गया। झाबुआ का नाम प्रचलित करती इस प्रथम चित्र प्रदर्शनी को इंदौर उज्जैन भौपाल सहित सभी वर्गो ने सराहना कर कई अलग अलग स्थानों पर प्रदर्शित करने को आमंत्रित किया गया। Post navigation पतंजलि योग शिविर में ग्रामीण ले रहे योग के लाभ गुजरात ले जाई जा रही थी अवैध शराब ; आबकारी विभाग ने धर दबोचा