अलीराजपुर लाइव के लिए नानपुर से जितेंद्र वाणी (राज) की रिपोर्ट-
जिलेभर के 2400 अतिथि शिक्षकों को हटाकर शिक्षा विभाग उन्हें बेरोजगार करने की साजिश कर रही है। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में बैठे आला अधिकारियों ने जिलेभर के खिलाफ साजिश रची है जिसमें अतिथियों शिक्षकों को हटाया जा रहा है और उनके स्थान पर नए अतिथि शिक्षक रखे जा रहे हैं। यह अतिथि शिक्षक या तो उनके रिश्तेदार है या करीबी है। जिलेभर के अतिथि शिक्षकों ने ग्रामीण स्तर की दुरस्थ स्कूलों में जाकर अपनी सेवाएं देकर छात्र-छात्राओं के भविष्य को काफी मेहनत के बाद संवारा है और अब उन्हें बिना किसी कारण के अतिथि शिक्षक के पद से निकाला जा रहा है, जो शिक्षा विभाग में बैठे अधिकारियों का षड्यंत्र व छलकपट माना जा रहा है। एक ओर तो प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ग्रामीण अंचलों में स्कूल, छात्रावास खोलकर करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं वही महीनेभर तक दुरस्थ स्कूलों में अपनी सेवाएं देने वाले अतिथि शिक्षकों को निकलाने का कृत्य कर रहे अधिकारियों को खुली छूट मिली हुई है जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें पूरा बांस ही पोला है की तर्ज पर अतिथि शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाईयां की जा रही है। प्रदेश में अतिथि शिक्षकों के साथ किए जा रहे इस तरह के सौतले बर्ताव के बाद जिलेभर के शिक्षकों ने 12 अक्टूबर को आमरण आनशन करने का एलान किया है। यह जानकारी देते हुए प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेश भूरिया ने कहा कि अतिथि शिक्षक दुरस्थ अंचलों की स्कूलों में सुबह से शाम तक मेहनत कर बच्चों को पढ़ाई करवा रहा है और उन्हें माह पूरा होने के बाद भी सैलरी नहीं दी जाती है। वहीं शिक्षा विभाग में बैठे अधिकारी माह में थोड़े सी सैलरी पाने वाले अतिथि शिक्षकों को या तो सैलरी समय पर नहीं दी जाती है, इसके विपरीत उनके खिलाफ हटाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है इसी को लेकर अतिथि शिक्षक सरकार के खिलाफ 12 अक्टूबर को आमरण अनशन कर अपना हक मांगेंगे तथा राज्य में भाजपा की शिवराजसिंह चौहान की सरकार को अतिथि शिक्षकों के हक व समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करवाया जाएगा।

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