Trending
- जोबट में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 55 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ
- जनजातीय प्रकोष्ठ के विधि विशेषज्ञ ने किया उद्यानिकी योजनाओं का जमीनी निरीक्षण, हितग्राहियों से किया सीधा संवाद
- धूप में तड़प रहे पशुओं को मिला सहारा: टेंट लगाकर अभिनंदन नांदेचा ने पेश की जीवदया की मिसाल
- 9 मई को रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में आधार सेवाओं के लिए विशेष शिविर
- आठ साल का इंतजार खत्म…विश्वकर्मा मंदिर का निर्माण पूर्ण, धूमधाम से निकली शोभायात्रा
- मोटरसाइकिल दुर्घटना में एक की मौत, एक घायल
- नदी पर नहाने गई 9 वर्षीय बालिका की पानी में डूबने से मौत*
- अगराल में गौसेवकों ने पकड़ा भैंस के बच्चों से भरा ट्रक
- बंगाल में भाजपा की जीत का जश्न राणापुर में, कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
- छकतला बस स्टैंड चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया चुनाव परिणामों का जश्न
झाबुआ। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर आज महिला सशक्तिकरण विभाग द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। महिला दिवस के अवसर पर प्रभारी कलेक्टर अनुराग चौधरी कार्यक्रम में मौजूद थे और उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार रके। वही जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती भूरिया ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी प्रधान झाबुआ जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनुकरणीय माहौल है, यहां जिला एडिशनल एसपी से लेकर जिले की विधायक निर्मला भूरिया, जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती भूरिया, सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर, उप संचालक जनसंपर्क अनुराधा गहरवाल आदि ने अपने कर्तव्य के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रदेश के मंत्रिमंडल में भी महिला मंत्रीगणों ने प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। जिले में ग्राम पंचायतों में निर्वाचित हुई महिला सरपंचों को अपने पतियों पर आश्रित नहीं रहना पड़े और सतत अपने क्षेत्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके इसके लिए ऐसा वातावरण निर्मित किया जाए कि उन्हें अपने कर्तव्य एवं अधिकारों की जानकारी हो और वे सशक्त महिला की रूप में उभरकर सामने आए। वे ये समझ सके कि वह किसी भी स्तर पर पुरूषों से कम नहीं है और वह भी मुख्याधारा में आकर प्रदेश एवं अंचल के विकास में सहभागी हो सकती है। मध्यप्रदेश की सरकार के प्रयास से महिलाओं ने समाज के विकास में अपना सशक्त योगदान प्रदर्शित किया है। देश का संपूर्ण विकास महिलाओं के विकास के साथ ही संभव है। समाज के विकास के लिए पुरूष एवं महिला दोनो का समन्वित विकास जरूरी है।