रितेश गुप्ता, थांदला नगर परिषद थांदला द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला पारंपरिक 65 वाँ विजयादशमी मवेशी मेला एवं कृषि प्रदर्शनी इस वर्ष 19 अक्टूबर से 22 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह चार दिवसीय आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा, पशुपालन, कृषि गतिविधियों तथा सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर होगा मेले के दौरान पशुपालकों, किसानों, व्यापारियों एवं आम नागरिकों के लिए विभिन्न आकर्षक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। कृषि एवं पशुपालन से संबंधित प्रदर्शनी के साथ खेलकूद प्रतियोगिताएँ, मनोरंजक कार्यक्रम, साहित्यिक आयोजन तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ मेले का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। चार दिवसीय आयोजन की रूपरेखा कुछ इस प्रकार रहेगी 19 अक्टूबर, सोमवार: मेले का शुभारंभ रात्रि 8 बजे बजे रामायण पारायण पाठ के साथ किया जाएगा। 20 अक्टूबर, मंगलवार: रात्रि 8 बजे आतिशबाजी तथा रात्रि 9 बजे रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित होगा इसके पश्चात रात्रि 10 बजे श्री तेजाजी न्यास मंडल द्वारा तेजाजी की नाट्य मंचन प्रस्तुति होगी। 21 अक्टूबर, बुधवार: प्रातः 11 बजे कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। रात्रि 9 बजे अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन होगा, जिसमें आमंत्रित कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे। 22 अक्टूबर, गुरुवार: सायं 6 बजे समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण आयोजित किया जाएगा। रात्रि 8 बजे श्री प्रकाश जी माली राजस्थान सुप्रसिद्ध भजन गायक की भव्य भजन संध्या आयोजित होगी। भजन संध्या में भक्तिमय प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे। नगर परिषद द्वारा मेले में नागरिकों एवं आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किया गया है। आयोजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आकर्षक बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं मेला समिति के माध्यम से व्यवस्थाओं का संचालन किया जाएगा। नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी सुनील पणदा, उपाध्यक्ष पंकज जागीरदार, एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री कमलेश जायसवाल सहित मेला समिति अध्यक्ष जगदीश प्रजापत एवं समिति सदस्यों के साथ , समस्त पार्षदगण ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों, किसानों, पशुपालकों, व्यापारियों, साहित्यप्रेमियों एवं धर्मप्रेमी जनता से मेले में सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। Post navigation 53वें दाई सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन के फरमान पर जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया भोजन