दिनेश वर्मा, झाबुआ

अभी-अभी मंत्रिपरिषद की बैठक में जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह कॉरिडोर पूरे महाकौशल क्षेत्र को नई औद्योगिक ताकत प्रदान करेगा। जबलपुर से शुरू होकर भोपाल होते हुए प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर तक विस्तारित होने वाला यह कॉरिडोर औद्योगिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए उद्योग विभाग के माध्यम से एक नई कंपनी का गठन किया गया है। यह कंपनी एक इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में कार्य करेगी और पूरी तरह राज्य शासन के स्वामित्व में होगी। राज्य शासन की ओर से इसके लिए ₹100 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है। इसकी गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता मैं स्वयं करूंगा, ताकि निर्णय तेजी से लिए जा सकें और सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम कर सकें। हमारी अन्य कंपनियों के संचालन से प्राप्त अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ भी इस परियोजना को मिलेगा, जिससे विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
जबलपुर, नरसिंहपुर से लेकर रायसेन तक का क्षेत्र औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाओं से परिपूर्ण है। यहां पर्यटन, खनन, कृषि और भारी उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। इसके साथ ही सड़क, बिजली, पानी और विमानन सहित आवश्यक कनेक्टिविटी की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। ये सभी सुविधाएं किसी भी उद्योग की स्थापना और संचालन के लिए बुनियादी जरूरतें हैं। इस कॉरिडोर के विकास से निवेश करने वाले उद्योगों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र को औद्योगिक एवं आर्थिक रूप से विकसित करने की एक व्यापक योजना है। इसके प्रथम चरण में 3,000 से लेकर 10,000 एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना है।
निवेश और रोजगार की दृष्टि से भी यह कॉरिडोर महत्वपूर्ण साबित होगा। मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का अनुमान है। इससे लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इस प्रकार कुल तीन लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं।
आगामी तीन वर्षों की अवधि में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और छह लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की संभावना है। यह कॉरिडोर महाकौशल सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन और रोजगार सृजन का नया मार्ग प्रशस्त करेगा।

– *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *