नशे से दूरी है जरूरी 2.0: झाबुआ एसपी देवेंद्र पाटीदार ने पिटोल हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों से किया संवाद
भूपेंद्र नायक, पिटोल
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 15 से 30 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” जनजागरूकता अभियान के तीसरे दिन पिटोल हायर सेकेंडरी स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान झाबुआ पुलिस कप्तान (एसपी) देवेंद्र पाटीदार ने अध्ययनरत विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उन्हें नशे के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना, समाज में जागरूकता बढ़ाना और “नशामुक्त मध्यप्रदेश” के संकल्प को जन-आंदोलन का रूप देना है।
युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है सिंथेटिक और केमिकल नशा
एसपी पाटीदार ने बताया कि किस प्रकार 15 वर्ष से अधिक आयु के युवा नशे के मकड़जाल में फंसकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ड्रग्स का चलन केवल बड़े शहरों तक सीमित था, लेकिन अब यह धीरे-धीरे गांवों तक भी पहुंचने लगा है। गांजा, भांग, अफीम और कोकीन जैसे नशे प्राकृतिक पौधों से प्राप्त होते हैं, जिन्हें पीसकर पाउडर या गोलियों के रूप में युवाओं तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं, एमडी (MD) ड्रग्स, नींद की गोलियां और कफ सीरप जैसे केमिकल युक्त सिंथेटिक नशे दिमाग को सीधे तौर पर अनियंत्रित और शरीर को सुस्त कर देते हैं। वर्तमान में युवा शराब से ज्यादा इन खतरनाक ड्रग्स की चपेट में आ रहे हैं और सोचने-समझने की क्षमता खोते जा रहे हैं।
