अखिल भारतीय बलाई महासंघ द्वारा मनाया गया कबीर प्रकट उत्सव, विशाल शोभायात्रा के साथ समाज के मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
अर्पित चोपड़ा, खवासा
अखिल भारतीय बलाई महासंघ के तत्वावधान में संत शिरोमणि सद्गुरु कबीर साहेब का प्रकट उत्सव के उपलक्ष्य में ग्राम खवासा स्थित सद्गुरु पैलेस गार्डन में विशाल शोभायात्रा, कबीर के जीवन एवं शिक्षाओं पर विचार गोष्ठी तथा समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के सैकड़ों महिला-पुरुषों, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज परमार रहे। अध्यक्षता 108 महंत ईश्वरदास साहेब (कबीर आश्रम, रामगढ़ बगीचा) ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में महंत हीरादास साहेब (कबीर मंदिर, हरथली, रतलाम), खवासा सरपंच शंकर खराड़ी सहित समाज के वरिष्ठजन प्रदीप सिसोदिया (जिलाध्यक्ष), भेरूलाल परमार बरवेट , कालूराम मालवीय (छोटी देहंडी), विजय मालवी (खवासा), मांगीलाल मालवी (रामगढ़), नागूलाल मालवी (करवड़) एवं मिश्रीलाल मालवी (सारंगी) मंचासीन रहे।

अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज परमार ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन करने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने माता-पिता की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए सामाजिक एकता, संगठन और युवाओं की भूमिका पर भी विस्तार से अपने विचार रखे।
108 महंत श्री ईश्वरदास जी साहेब ने संत कबीर के जीवन दर्शन, मानवता, समरसता और सामाजिक सद्भाव के संदेश पर प्रकाश डालते हुए समाज से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वहीं महंत श्री हीरादास जी साहेब ने कबीर साहेब के जीवन परिचय और उनके अमूल्य विचारों को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए उन्हें जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर मालवी बलाई समाज के कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोज परमार के हाथों सम्मान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करता है और अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम से पूर्व सद्गुरु पैलेस गार्डन से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कबीर भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु नृत्य करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों एवं चौराहों से होकर पुनः सद्गुरु पैलेस गार्डन पहुंचे। शोभायात्रा के दौरान पूरे नगर में भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला।
