सरकारी दर्जे और लंबित मानदेय की मांग: झाबुआ और आलीराजपुर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा

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झाबुआ/आलीराजपुर। जिले में सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अब अपने हकों के लिए शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले 50 वर्षों से जन्म से लेकर मृत्यु तक के पंजीयन, जनगणना, लाडली बहना योजना और निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य अल्प मानदेय में करने वाली इन कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।

इसी कड़ी में बुधवार को आलीराजपुर में भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने दाहोद नाका से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली निकाली। प्रदर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार महमूद खान को ज्ञापन सौंपा गया।

प्रमुख समस्याएं और मांगें:

  • लंबित भुगतान: आलीराजपुर में 800 कार्यकर्ताओं का दिसंबर 2024 का शेष मानदेय (₹5250) और नई सहायिकाओं का पिछले 9 माह का वेतन तत्काल एकमुश्त दिया जाए।

  • शासकीय कर्मचारी का दर्जा: महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य करने वाली इन कार्यकर्ताओं को नियमित सरकारी कर्मचारी घोषित कर पेंशन, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए।

  • समान काम, उचित वेतन: झाबुआ व आलीराजपुर की कार्यकर्ताओं का कहना है कि लाखों का वेतन लेने वाले नियमित कर्मचारियों वाले कार्य उनसे कराए जाते हैं, इसलिए मानदेय सम्मानजनक होना चाहिए।

  • अतिरिक्त भत्ते व सुविधाएं: पोषण ट्रैकर जैसे ऑनलाइन कार्यों के लिए मोबाइल/इंटरनेट भत्ता दिया जाए तथा सभी केंद्रों पर बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हों।

आंदोलन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष कमला रावत, जिला मंत्री धनसिंह कनेश और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मंजुला लोहार सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र होगा।

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