लूट की झूठी कहानी रचकर पुलिस को गुमराह करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, फरियादी ही निकला मास्टरमाइंड

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शिवा रावत, सोंडवा 

पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया के निर्देशन में सोण्‍डवा पुलिस ने एक बड़ी सफलता अर्जित करते हुए थाना सोंडवा क्षेत्र के अंतर्गत घटित कथित लूट की सनसनीखेज घटना का पर्दाफाश किया है। पुलिस की सूक्ष्म विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि फरियादी और उसके ड्राइवर ने मिलकर स्वयं की ही गाड़ी से माल चोरी करने और पुलिस को गुमराह करने के लिए लूट का झूठा षड्यंत्र रचा था।

घटना का संक्षिप्त विवरण और दर्ज शिकायत: दिनांक 26.03.2026 को फरियादी इकबाल शाह पिता रईश शाह (निवासी देवास) ने थाना सोंडवा में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने साथी ड्राइवर रवि पिता रतनलाल (निवासी उज्जैन) के साथ वाहन क्रमांक HR-69-A-4153 में भोपाल से वापी (गुजरात) के लिए राजश्री/कमला पसंद पान मसाला लेकर जा रहे थे। फरियादी के अनुसार, लोढनी घाटी के पास बदमाशों ने चाकू की नोक पर मारपीट कर उनसे 20,000 रुपये नगद, दो मोबाइल और कीमती पान मसाले के कार्टून लूट लिए। घटना को वास्तविक दिखाने के लिए ड्राइवर रवि जिला अस्पताल में भर्ती हो गया और इकबाल ने जंगल में बेहोश होने का नाटक किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आलीराजपुर श्री अश्विनी कुमार के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। विवेचना के दौरान पुलिस को फरियादी और ड्राइवर के बयानों में काफी विरोधाभास नजर आया। जब साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया गया, तो संदिग्धों की उपस्थिति घटनास्थल पर संदिग्ध पाई गई।

पुलिस द्वारा की गई मनोवैज्ञानिक पूछताछ में आरोपी ड्राइवर रवि टूट गया और उसने बताया कि उस पर पुराने कोर्ट केस चल रहे थे, जिसके कारण उसे रुपयों की सख्त जरूरत थी। आरोपी रवि के विरूद्ध जिला उज्‍जैन के थानों में पूर्व से ही बलात्‍कार एवं टॉयर चोरी के अपराध दर्ज है। इसी कारण उसने इकबाल और उज्जैन के अपने अन्य साथियों—समीर पटेल, शाहरुख और हर्षु—के साथ मिलकर लूट की यह झूठी योजना बनाई थी। योजना के मुताबिक, उनके साथी अर्टिगा वाहन (MP-13-ZF-1326) से आए। उन्होंने चलती गाड़ी से माल के 06 बॉक्स, नगदी और मोबाइल लिए ताकि इसे वास्तविक लूट दिखाया जा सके। पुलिस को गुमराह करने के लिए ड्राइवर ने हाथ फ्रैक्चर होने का बहाना कर अस्पताल में शरण ली।

आरोपियों की गिरफ्तारी एवं बरामदगी: पुलिस ने अब तक इस घटनाक्रम के 04 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से निम्नलिखित मशरूका (सामग्री) जप्त की गई है:

नकदी: आरोपियों के पास से लूट के हिस्से की कुल 12,000 रुपये की नगद राशि।

सामग्री: पान मसाले के 03 कीमती बॉक्स।

वाहन: घटना में प्रयुक्त सफेद अर्टिगा कार (MP-13-ZF-1326)।

फरार आरोपी: प्रकरण का एक अन्य आरोपी शाहरुख (निवासी उज्जैन) फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

 

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका: उक्त षड्यंत्र पूर्वक रचि गई लूट की घटना का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी निरीक्षक राजाराम बडोले, चौकी प्रभारी उनि सचिन डावर, सउनि बाबूलाल गहलोत, उनि राहुल चौहान, प्रआर. कैलाश (181), आर. विक्रम कनासिया (240) और साइबर सेल से आर. प्रमोद (105) की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।

 
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