झाबुआ लाइव डेस्क- समृद्धि के लिए 32 उद्यमी होने के गुण सीख रहे हैं। आत्मविश्वास से भरे हुए युवा जब समस्या को संसाधन बना लेते हैं तब उनमें जन्म लेता है एक उद्यमी। समस्या में से समाधान खोज लेने की कला उद्यमी कहलाती है। छोटी छोटी अनेक बातों को सुन समझ रहे हैं झाबुआ के युवा। सामाजिक उद्यमिता विकास शिविर झाबुआ के युवक उद्यमी बन जाए यह खबर आनन्दित करनेवाली है, उन्हीं युवकों के जीवन से मजदूरी करने की विवशता न रहे, यह सोच भी जीवन में उमंग और उत्साह का संचार कर देती है पर कभी ऐसा होगा, कौन करेगा इस काम को यह बार बार मन को कुरेदता है। स्वाभिमान का संरक्षण करते हुये संवर्धन से समृद्धि लाने की दिशा में विकास का जतन करती शिवगंगा समग्र ग्राम विकास परिषद की योजना को उस समय पर लग गये जब उक्त कार्य में टाटा सामाजिक संस्थान मुंबई के प्रोफेसर सत्यजीत मजूमदार ने उद्यमिता के विकास की पहल शिवगंगा झाबुआ के साथ मिलकर काम करने की सोची। उद्यमिता विकास का यह शिविर शिवगंगा गुरुकुल धरमपुरी में ही करने का निश्चय किया। 17 से 20 मई तक के इस शिविर में ऐसे युवाओं का चयन कि जो अपने समाज की संवर्धन से अभिवृद्धि करें। Post navigation रूखीबाई बरमंडलिया के निधन से शोक चिकित्सालयों में नहीं है पर्याप्त दवाइयां : भूरिया