भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आजाद नगर 19 नवंबर को राठौड़ समाज चंद्रशेखर आज़ाद नगर (भाबरा) द्वारा बड़ा शंकर मंदिर तालाब किनारे एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें समाज के आपसी मनमुटाव को खत्म कर पुनः समाज को नई दिशा देने हेतु कई अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि समाज में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद होने वाली पगड़ी रस्म के दौरान जो स्मृति चिन्ह (लेन) बांटे जाते हैं, राठौड़ समाज भाबरा अब ना तो लेगा और ना ही देगा। हम सनातन धर्म के हैं और समाज में चली आ रही कुछ कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से यह ऐतिहासिक निर्णय समाज के महिलाओं, पुरुषों और युवा संगठन की सहमति से लिया गया है। इस निर्णय से न केवल सनातन धर्म को मजबूती मिलेगी बल्कि हमारा समाज भी और अधिक संगठित, जागरूक और संस्कारी बनेगा। Post navigation भीषण सड़क हादसे में एक की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने सांसद खेल महोत्सव के तहत ग्राम बरझर में खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया