भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आजाद नगर

पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर राजेश व्यास के नेतृत्व एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल के मार्गदर्शन में अलीराजपुर जिले के आदिवासी अंचलों में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, साइबर सुरक्षा तथा जन-जागरूकता हेतु “खाटला बैठक” जैसे लोकसंवादी माध्यमों का सफलतापूर्वक प्रयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 11 मई 2025 को थाना आजादनगर अंतर्गत ग्राम बिलझर में खाटला बैठक का आयोजन किया गया।

खाटला बैठक थाना प्रभारी निरीक्षक श्री एस.आर. तरोले के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन, महिला-पुरुष, जनप्रतिनिधि एवं समाज के अन्य सम्माननीय नागरिक उपस्थित हुए। बैठक का मूल उद्देश्य ग्रामीण समाज को उन बुराइयों एवं अपराधों के प्रति जागरूक करना था, जो परंपरा, अज्ञानता या तकनीकी अशिक्षा के कारण अब भी समाज में मौजूद हैं।

खाटला बैठक के मुख्य बिंदु एवं संदेश:

नशा मुक्ति एवं नैतिक जागरूकता:  तरोले ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे शराब, तंबाकू व अन्य मादक पदार्थों से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ये न केवल स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक विघटन का कारण भी बनते हैं।

महिला सम्मान एवं बाल संरक्षण:समाज में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार, बाल विवाह के खिलाफ चेतना और बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश प्रमुखता से दिया गया। सामाजिक कार्यक्रमों में अनुशासन:उत्सवों एवं सामाजिक आयोजनों में डीजे, शराब आदि पर अनावश्यक व्यय की आलोचना करते हुए अपील की गई कि ग्रामीण ऐसे खर्चों से बचें और सादगीपूर्ण व मर्यादित आयोजन करें।

साइबर सुरक्षा एवं मोबाइल उपयोग:वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, फर्जी ऐप्स, साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। निरीक्षक श्री तरोले ने ग्रामीणों को सावधान रहने, सत्यापित ऐप्लिकेशन के उपयोग एवं संदेहास्पद लिंक/कॉल से बचने की सलाह दी।

अभिभावकों को विशेष रूप से समझाया गया कि वे अपने बच्चों के मोबाइल उपयोग, सोशल मीडिया गतिविधियों और दोस्तों के साथ उनके व्यवहार पर सतत निगरानी रखें। अपराध रोकथाम में जन सहभागिता:किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि, संभावित अपराध या अपराधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके।

सरकारी जनकल्याण योजनाओं की जानकारी:बैठक में मध्यप्रदेश शासन द्वारा चलाई जा रही जन हितैषी योजनाओं, जैसे – मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, स्वास्थ्य सेवाएं आदि की भी जानकारी साझा की गई, जिससे ग्रामीण सीधे लाभ ले सकें।

युवा वर्ग की दिशा निर्धारण पर विशेष बल: वर्तमान में कुछ युवा मोबाइल की लत, नशा एवं दोपहिया वाहन के अंधाधुंध प्रयोग के चलते अपराधों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों को बाद में कानूनी एवं सामाजिक संकटों का सामना करना पड़ता है। माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें, उनकी संगत जानें और समय पर संवाद के माध्यम से उन्हें समझाये।

जनभागीदारी से अपराध नियंत्रण:सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया कि यदि गांव या आसपास किसी प्रकार की असामाजिक गतिविधि, शंका योग्य व्यक्ति, या अपराधिक सूचना हो, तो तत्काल पुलिस को अवगत कराएं। समय पर मिली सूचना से अपराध की रोकथाम व त्वरित निराकरण संभव होता है।

खाटला बैठक के अंत में थाना प्रभारी तरोले ने उपस्थित ग्रामीणों को यह विश्वास दिलाया कि पुलिस आमजन की सेवा व सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर है। समाज में शांति, सुरक्षा एवं सद्भाव कायम रखने के लिए पुलिस व जनता के बीच सद्भावपूर्ण सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *