बामनिया। जैन धर्म में तप का जितना महत्व है उतना ही तप अनुमोदना का भी महत्व बताया गया है। तपस्वी तो अपने सामर्थ्य शक्ति अनुसार तप करके नरक जैसी घोर वेदना के दुःखों रूपी कर्मों का नाश कर खपा लेते है वही तप की अनुमोदना करने वालें भी अपने कर्मों की निर्जरा कर भावी तपस्या करने का मार्ग प्रशस्त कर मोक्ष के निकट पहुँच जाते है। ऐसे में प्रथम तप के आदि करने वालें प्रथम तीर्थंकर शत्रुंजय मंडन श्री आदिनाथ (ऋषभदेव) दादा के निर्वाण कल्याणक तिथि मेरु तेरस पर सोनाणा खेतलाजी भेरूजी ट्रस्ट बामनिया द्वारा थांदला व अंचल में चल रहे वर्षीतप आराधकों की तप अनुमोदना में चौवीसी, सामूहिक पारणा बियासना व तप अभिनन्दन कार्यक्रम श्री सांचल सोनाणा तीर्थ धाम बामनिया पर आयोजित किया जिसमें 13 माह की कठिन तप आराधना करने वालें तपस्वी शामिल हुए। ट्रस्ट मण्डल ने सभी तपस्वियों को शाम का भोजन करवाते हुए उन्हें माला-श्रीफल व अभिनन्दन पत्र भेंट कर बहुमान किया। इस दौरान एक शाम दादा आदिनाथ के नाम भक्ति संध्या का भी भव्य आयोजन किया गया जिसमें ख्याति प्राप्त इंटरनेशनल गायक विवेक चौपड़ा (जावरा) ने अपनी सुमधुर आवाज में वर्षीतप आराधकों के तप की अनुमोदना करते हुए तीर्थंकर भगवान व गुरुदेव के भजनों व स्तवन से समा बांध दिया। उल्लेखनीय है कि श्री सांचल सोनाणा तीर्थ धाम बामनिया के गादीपति विवेक भाई लुणावत सपत्नीक भी वर्षीतप की आराधना थांदला समूह के साथ कर रहे है ऐसे में उनके द्वारा भी सभी तपस्वियों की तप अनुमोदना का लाभ लिया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के मार्गदर्शक भंवरलाल बाफना अध्यक्ष कांतिलाल वागरेचा, उपाध्यक्ष मनोज बरबेटा, कोषाध्यक्ष मयंक बाफना, सचिव दीपक तांतेड़, ट्रस्टी राजेंद्र मेहता, अर्पित राठी,अनिल जैन, मनीष नाहर विकास मेहता व सदस्य अमित चाणोदिया, आदर्श गांधी, रोनक कोठारी आदि का सहयोग सहरानीय रहा। Post navigation हमारे देश की पुलिसिंग में भी बड़े बदलाव की जरूरत : प्रेमलाल कुर्वे रतलाम मंडल से गुजरने वाली जम्बूतवी (सर्वोदय एक्सप्रेस) कई दिनों तक निरस्त