मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ

आम्बुआ कस्बे में वर्ष 2017 में बिजली के तारों को हटाकर केबल डाली गई थी उस समय केबल की स्थिति देखते हुए नागरिकों ने विरोध किया मगर ठेकेदार एवं बिजली अधिकारियों ने किसी की भी नहीं सुनी जिसका खामियाजा आज बिजली उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है जगह-जगह पर केबल टूटने के कारण गांठें लगी है जो कभी टूट जाती है और कभी भी बिजली गुल हो जाना आम बात हो गई है बिजली विभाग भी ध्यान नहीं दे रहा है।

          मिली जानकारी के अनुसार शासन की बिजली चोरी रोकने की योजना के तहत खंभों पर लगे बिजली तारों को हटाकर केबल लाइन आम्बुआ में वर्ष 2017 में डाली गई थी जिस समय केबल लाइन बिछाई जा रही थी उस समय ही नागरिकों ने विरोध किया था कि केबल हल्की और घटिया है मगर तब ठेकेदार और बिजली विभाग जिनकी मिलीभगत से घटिया केबल डाली जा रही थी ने एक भी बात नहीं सुनी तथा तार निकालकर केबल डाल दी गई जैसे ही लाइन चालू की गई कई स्थान पर केवल जल गई तो कई घरों में वोल्टेज कम ज्यादा हो जाने से घरेलू बिजली उपकरण तथा सामान जल गया हो-हल्ला मचने पर डबल केबल डाली गई ताकि वह वोल्टेज को झेल सके मगर वैसा नहीं हुआ और आज 6 साल बाद भी उपभोक्ता केबल के कारण परेशान है।

            आम्बुआ कस्बे में डाली गई केवल कई जगह इतनी नीचे आ गई है कि हाथ से छुआ जा सकता है तथा कई स्थानों पर बार-बार केवल जलने टूटने के कारण बिजली कर्मचारियों ने गांठें लगा दी है जो कि बढ़ते घटते वोल्टेज को सहन नहीं कर पाने के कारण कभी भी टूट कर नीचे गिर जाती है कभी केबल में तो कभी बॉक्स में आग लग जाया करती है वोल्टेज समस्या तो बनी हुई है हल्की हवा आंधी या बारिश होते ही बिजली ऐसे गुल हो जाती है जैसे कि बिजली न होकर घरेलू चिमनी या दिया हो जो हवा पानी के कारण बुझ जाता है नागरिकों की मांग है कि टूटी-फूटी और गांठें लगी केबल को तत्काल निकाल कर मोटी और मजबूत केबल लाइन बिछाई जाए ताकि बिजली की आंख मिचौली से छुटकारा मिल सके तथा बार-बार केबल टूटने की घटनाऐं न हो सके।

इनका कहना है 

आगे जानकारी भेज दी है।पूरी लाईन ही बदलना है जल्द कार्य हो जायेगा।

कमल तड़वाल, कार्यपालन यंत्री विद्युत विभाग अलिराजपुर

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