रोहित सोनी @ पारा पूण्य सम्राट श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्र्वरजी महाराजा मधुकर के पट्टधर गच्छाधिपति पूज्य आचार्य देवेश श्रीमद् विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी म.सा. का 74 वाँ जन्मदिन चैत्र वदी छट को विविध आयोजन से मनाया। सुबह 10.30 बजे गुरुमंदिर में गुण्नानुवाद सभा रखी जिसमे परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश छाजेड़ एवम परिषद अध्यक्ष सुशील छाजेड़ ने आचार्य श्री का गुणगान करते हुए कहा गुरूकृपा प्राप्ति का उत्तम-उत्कृष्ट उदाहरण। आचार्य श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. ने आजीवन गुरू चरण सेवा में अपना जीवन समर्पित किया। दीक्षा के पश्चात् लगभग 53 वर्षों तक निरंतर अखंड गुरू निश्रा का परम सौभाग्य आपको प्राप्त हुआ। गुरूदेव की पवित्र सन्निधि में रहना आपके जीवन का असीमानंद रहा । गुरु के रहते आपने एक भी शिष्य नही बनाया दीक्षार्थी को तैयार कर गुरू को समर्पित करते थे। गुरुसेवा, गुरूआज्ञा, गुरूनिश्रा द्वारा पुण्य सम्राट के आशीर्वाद से नित्यसेनसुरिजी की निश्रा में कई एतिहासिक दीक्षा प्रतिष्ठा, उपधान चातुर्मास के अदभुत आयोजन हुए । स्थानीय नवयुवक परिषद एवं तरुण परिषद द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर मरीजों को फल एवं बिस्किट का वितरण कर इस दिन को सेवा समर्पण के रूप में मनाया। दोपहर में ड्रेस कोड में महिलाओं ने सामूहिक सामायिक की। Post navigation श्री राम कथा श्रवण करने उमड़ रहे श्रद्धालु, श्री राम व माता सीमा के विवाह की झांकी का स्वागत किया “सब के राम सब में राम” ऐतिहासिक आयोजन को लेकर हुआ कार्यालय का शुभारंभ ….