Chandrabhan Singh bhadoriya @ chif aditor कहावत है ” सियासत जो करवाऐ वह कम है ” अब लीजिए मध्यप्रदेश मे विधानसभा चुनावों का एलान होते ही झाबुआ के “कडकनाथ” मुर्गे की जान अब आफत मे भी है ओर महंगी भी हो चली है .. पश्चिम मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल इलाके झाबुआ ओर अलीराजपुर मे ” चुनाव मे “शराब ओर कबाब” के चलन की परंपरा रही है हर राजनीतिक दल वोट कबाडने वाले ग्रामीण सुरमाओ को खुश करने के लिए शराब ओर कबाब का दोर अपने चुनाव प्रचार अभियान के दोरान करता है झाबुआ ओर अलीराजपुर मे ” नवरात्रि पव॔” समाप्त होते ही कांग्रेस ओर भाजपा सहित जयस के उम्मीदवारो का एलान हो जायेगा ओर उसके बाद चुनाव प्रचार अभियान तेज गति पकड़ लेगा .. लिहाजा संभावित उम्मीदवार अभी से झाबुआ के कडकनाथ मुर्गे का स्टाक कर लेना चाहते है खुले बाजार मे कडकनाथ का कारोबार करने वाले भी ” आने वाले राजनीतिक माहोल मे मुनाफा कमाने को तैयार है अभी से कडकनाथ मुर्गे सुरक्षित किये जा रहे है साथ ही जो किशोरवय कडकनाथ मुर्गे है उनको स्टोर किया जा रहा है ताकि अगले पखवाडे से लेकर अगले डेढ महीने तक उन्हें बेचकर मुनाफा कमाया जा सके । कडकनाथ के कारोबारी ” यासीम खान ” कहते है कि अभी जब तक चुनाव मे वोट नही पड जाते तब तक पैसा कमाने का हमारे पास अच्छा अवसर है क्योकि नेताओ ने हमको एडवांस दे दिया है वे नवरात्रि बाद से लेकर चुनाव तक हमसे ” कडकनाथ” लेंगे .. हम भी एडवांस लेकर कडकनाथ का स्टाक कर रहे है ताकी समय पर अच्छी कीमत पर डिलेवरी दे पाये .. यासीम कहते है कि अभी चुनाव का एलान होते ही कडकनाथ के दामों मे जंप आ गया है यासीम के अनुसार क्रास ब्रीड कडकनाथ जो चुनाव घोषणा के पहले तक 900 रुपये मे बिक रहा था जो घोषणा के बाद 1200 रुपये मे खुले बाजार मे अब बिकने लगा है वही देशी कडकनाथ जो 1300 रुपये मे बिकता था वह अब 1600 से 1700 रुपये तक पहुंच गया है ओर नवरात्रि बाद कीमतों मे ओर तेजी आ जायेगी । एक अन्य कडकनाथ सप्लायर इदरीश कहते है कि यही डेढ महीने कमाने के होते है फिर तो कीमते नाम॔ल हो जाती है अभी दोनो दलो के नेताओ को चुनाव प्रचार अभियान मे मुर्गो खासकर कडकनाथ की जरुरत होती है इसलिऐ हम इस टाइम मे अच्छा मुनाफा कमा लेते है … चुनावी मोसम मे कडकनाथ मुर्गे से मुनाफे की उम्मीद तो मध्यप्रदेश शाशन के ” कडकनाथ एप” मे पंजीकृत कडकनाथ सहकारी समितियों को भी है .. एप मे पंजीकृत कडकनाथ मुर्गीपालन सहकारी संस्था मर्यादित छोटागुढा के अध्यक्ष वीरसिंह कहते है कि अभी उनके पास 1000 मुर्गे उपलब्ध है अभी एप के जरिए लखनऊ ओर बिहार से आड॔र काल तो आते है पर इतनी दुरी पर सप्लाई देना मुश्किल होता है इसलिऐ अब हमे चुनाव से ही अच्छे मुनाफे की उम्मीद है क्योकि दशहरे के बाद एक तो ठंड का सीजन भी शुरु हो जायेगा ओर ऊपर से चुनाव प्रचार भी इसलिऐ हमे उम्मीद है कि अब हमारा स्टाक हमे अच्छा मुनाफा देकर जायेगा । चुनाव के मोसम मे कडकनाथ की बढती मांग ओर कीमतों से झाबुआ के कृषी विज्ञान ओर कडकनाथ उत्पादन केंद्र के प्रमूख डाक्टर आई एस तोमर कहते है कि यह बात सही है कि चुनावी मोसम मे कडकनाथ की डिमांड बाजार मे खुब बढ जाती है क्योकि चुनाव प्रचार अभियान मे बाहर से जो लोग आते है वह कडकनाथ खाना पसंद करते है इसलिऐ डिमांड ओर बाजार मे इसकी कीमत बढ जाती है । Post navigation ऊंची पहाड़ी पर माँ का यह मंदिर चमत्कारी, कितने साल पुराना आज तक कोई बता नही पाया, यहां मुरादे भी होती पूरी,तीन रूप में दर्शन भी होते, अखिल भारतीय क्षत्रिय राठौर महासभा की बैठक में समाज को एकजुट करने के लिए बनाई रूपरेखा