आलीराजपुर।
मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ भोपाल के आव्हान पर जिले की 201 राशन दुकानों के 297 कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे है। जिसके कारण जिले के 1 लाख से अधिक परिवार के 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो रहे है। साथ ही हर माह 5 से 9 तारीख तक शासन द्वारा द्वारा चलाई जाने वाली अन्न उत्सव योजना पर भी इसका असर हुआ है। उपभोक्तओं को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और वे परेशान हो रहे है।
गौरतलब है कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 4 फरवरी से धरना दे रहे है। मुख्य रूप से इनकी मांग है कि सहकारी समितियों के प्रबंधक, सहायक प्रबंधक, विक्रेताओं, लेखापाल, लिपिक, कम्पयूटर ऑपरेटर, भृत्य व चौकीदार को शासकीय कर्मचारी घोषित कर मप्र सरकार के कर्मचारियों भांति वेतन, भत्ते, बीमा एवं अन्य सुविधाओं का लाभ दिए जाने हेतु आदेश प्रसारित किए जाए।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस में शासन द्वारा जो राशन काटा गया है उसका तुरंत आवंटन जारी किया जाए एवं प्रशासन द्वारा कर्मचारियों पर मामले दर्ज किए है उन्हें वापस लेने के आदेश प्रसारित किए जाए। संस्थाओं का पीडीएस कमीशन कई वर्षो से भुगतान नहीं किया गया है उसे तत्काल भुगतान कर आगे प्रत्येक माह के अंदर भुगतान किया जाए तथा गेहु, चना, सरसों, धान, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि उपार्जन कार्य का कमीशन, प्रासंगिक व्यय जो वर्षो से भुगतान नहीं किया गया जिसे तुरंत भुगतान के आदेश प्रसारित किए जाए।
चरणबद्ध आंदोलन में देंगे सामूहिक इस्तीफ, चक्काजाम कर मांगेंगे इच्छा मृत्यु
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे महासंघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र वाणी और कर्मचारियों का कहना है जब तक हमारी न्यायोचित मांगों के आदेश पारित नहीं हो जाते तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। चरणबद्ध आंदोलन के तहत 18 फरवरी को प्रदेश के समस्त 55 हजार कर्मचारियों द्वारा राजधानी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर सामूहिक इस्तीफे सौंपे जाएंगे। पश्चात 19 फरवरी को भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर चक्काजाम किया जाएगा और इच्छा मृत्यु की मांग की जाएगी। आंदोलन के दौरान प्रदेश की समस्त 4525 सहकारी समितियां और उचित मूल्य की दुकाने अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी।
अनिश्चितकाली धरने के दौरान संभाग प्रतिनिधि हिरालाल तेलंगे, विकासखंड अध्यक्ष महेश राठौर, चंदु पंवार, राधु चौहान, रायसिंह निगवाल, किशन भाई, शंकर सहित सभी कर्मचारी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *