जोबट@सुनील खेड़े स्थानीय नगर परिषद में नए कार्यो एवं प्रस्ताव हेतु बैठक रखी गई थी । बैठक में कांग्रेसी पार्षदों द्वारा पूर्व बैठकों में पास किए गए प्रस्तावों एवं कार्यों को लेकर सीएमओ से जवाब मांगा गया जिस पर सीएमओ डाक द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए कहा गया कि पुराने कामों पर बाद में चर्चा करेंगे आज सिर्फ नया प्रस्ताव पर चर्चा होगी जिस पर सारे कांग्रेसी पार्षद एवं एक भाजपा पार्षद महेश आसोरिया ने बैठक से वाकआउट कर दिया । बाहर आकर पार्षदों द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष एवं सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसडीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन तहसीलदार निर्भय सिंह पटेल को कांग्रेस पार्टी के सदस्य एवं नगर परिषद के पार्षदों द्वारा एसडीम के नाम है आवेदन दिया जिसमें पार्षदों द्वारा आरोप लगाया गया कि नगर में चल रहे निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार किया गया है जिसमें पेवर्स ब्लॉक लगभग 12 से 14 लाख रुपए के लगे हैं जिन का बिल 25 लाख 94 हजार रुपए निकाल लिए हैं जिसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है जिसकी जांच कर अपराध दर करवाने की मांग की है। एक अन्य 2015 से नगर में नल जल योजना का कार्य चल रहा है जो की अभी भी अधूरा पड़ा है और नगर परिषद द्वारा पूरा बिल निकाल कर ठेकेदार को दे दिया है उसकी भी जांच की जानी चाहिए। क्या बोले जिम्मेदार बैठक में कांग्रेस पार्षदों द्वारा एजेंट से हटकर सवाल जवाब किए जा रहे थे जिस पर अध्यक्ष महोदय ने कहा कि बैठक के बाद चर्चा कर लेना यहां पर सारा काम टेंडर प्रक्रिया से होते हैं इसलिए भ्रष्टाचार का सवाल ही पैदा नहीं होता।भारत टाक, नगर पालिका अधिकार, जोबट परिषद बैठक में किसी भी कार्यो को करने से पहले सभी की सहमती के पश्चात टेंडर लगाया जाता है अधिकारी व इंजीनियर कार्य पूर्ण होने के बाद समीक्षा करते है उसके बाद ही संबंधित को भुगतान होता है ऐसे में भ्रष्टाचार का सवाल ही नही उठता है । सारे आरोप निराधार है । रमिला चौहान, अध्यक्ष नगर परिषद, जोबट Post navigation मेघनगर को स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिए पहल,सामाजिक संस्थाओं के मिलकर घर घर निःषुल्क वितरण कर रहे डस्टबिन रोटरी क्लब की पहल : तहसीलदार-सीएमओ-थाना प्रभारी ने नगर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए वितरित किए डस्टबिन