राज सरतालिया @ पारा ईश्वर द्वारा दी गई इस जीवन यात्रा में सर्वप्रथम पड़ाव शिक्षा का होता है जो सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा छोटे-छोटे बच्चों में संस्कार का बीज बोया वही आगे चलकर बच्चों के उज्जवल भविष्य को निर्माण करता है। मुख्य अतिथि सुंदरलाल शर्मा ने अपने उद्बोधन में पूर्व छात्रों की प्रशंसा करते हुए कहा हर छात्र को अपने जीवन में अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए। वह सही राह पर चलकर आने वाली नई पीढ़ी को मार्गदर्शक देना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी श्री गणेश उपाध्याय ने प्रशंसा करते हुए बताया सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षित हुए बच्चो का उज्जवल भविष्य देखकर काफी प्रसन्नचित्त हु. समारोह में डॉ रविंद्र शर्मा प्रांतीय पूर्व छात्र संयोजक ने अपने उद्बोधन में बताया शिक्षा से ही समाज को नई दिशा मिलती है । उक्त कार्यक्रम में पूर्व छात्र /छात्राएं ने अपना पुराना अनुभव व्यक्त किया कार्यक्रम में संस्था प्रधानाचार्य देवेश वर्मा वा समिति सदस्य राजेंद्र पगारिया ,पलाश कोठारी उपस्थित रहे ।कार्यक्रम का संचालन देवराज चन्द्रवंशी ने किया वा आभार व्यक्त पूर्व छात्र सिदार्थ तलेसरा ने माना। Post navigation महाशिवरात्रि पर्व पर भक्तों का उमड़ा जनसैलाब, हुए भव्य आयोजन चैत्र नवरात्रि: माताजी मंदिर पर मूर्ति स्थापना और निकली कलश यात्रा