पारा। श्री जन्माष्टमी के अवसर पर 4 सितंबर को भूरा डाबरा स्थित शबरी गौशाला में आयोजित रात्रिकालीन कथा के दौरान संत पंडित कमल किशोर नागर जी को श्रद्धालुओं द्वारा श्रीफल, शाल एवं पुष्पमाला भेंट की गई। इसी दौरान उन्हें एक धमकी भरा संदेश मिलने की बात सामने आने के बाद हिंदू समाज में आक्रोश व्याप्त है। घटना की सर्व हिंदू समाज द्वारा कड़ी शब्दों में निंदा की जा रही है। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को पारा क्षेत्र में सर्व हिंदू समाज के लोगों ने रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। रैली पारा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पारा पुलिस चौकी पहुंची, जहां समाजजनों ने चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर धमकी भरे संदेश की गंभीरता से जांच कराने और दोषी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में समाजजनों ने कहा कि संत पंडित कमल किशोर नागर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। आदिवासी अंचल में भी उनके प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और आस्था है। संत नागर समाज को धर्म, संस्कार, सद्भाव, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं। ऐसे संत को धमकी भरा संदेश भेजना न केवल अत्यंत गंभीर और निंदनीय कृत्य है, बल्कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं तथा समाज में गलत संदेश भी जाता है। निष्पक्ष जांच और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग सर्व हिंदू समाज ने प्रशासन से मांग की कि धमकी भरा संदेश भेजने वाले व्यक्ति की शीघ्र पहचान की जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही आरोपी की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। समाजजनों ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले संत को इस प्रकार धमकी दिया जाना गंभीर विषय है। प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी तक पहुंचना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और समाज में शांति एवं सद्भाव का वातावरण बना रहे। Post navigation पारा क्षेत्र में हुई सनसनीखेज चोरी का खुलासा, 6 लाख के आभूषणों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार राजेंद्र सूरी मसा की जन्म शताब्दी पर पारा नगर में तपस्या का दौर जारी