नानपुर। आज दिनांक 8 अप्रैल से जैन समाज की महत्वपूर्ण तपस्या, आराधना शाश्वती ओली प्रारंभ होगी। ज्ञानियों के अनुसार कर्मों की निर्जरा करने के लिए ओली(आयंबिल तप) का महत्व सर्वाधिक बताया गया है। उल्लेखनीय है की ओली जी आराधना वर्ष में दो बार आती है जिसमें 9 दिनों तक सिर्फ उबला हुआ अन्न एक समय एक स्थान पर ग्रहण कर आयंबिल तपस्या की जाती है। श्री अध्यक्ष मनीष जैन ने बताया 2013 वर्ष में साध्वी श्री रत्नत्रया श्रीजी एवं साध्वी श्री तत्वत्र्या श्रीजी म. सा.के चातुर्मास में उनकी प्रेरणा से चालू की गई थी। जो अनवरत चालू है एवं श्री संघ के सदस्यों से अधिक से अधिक ओली आराधना में भाग लेकर कर्मों की निर्जरा करने की अपील की है। ओली तपस्या में चिंटू जैन, गुड्डू जैन एवं श्रीमती स्मृति जैन द्वारा समाज जनों से संपर्क कर लगभग 20 तपस्या करने वालों के नाम प्राप्त किए हैं। श्री संघ के मीडिया प्रभारी अनिष जैन ने बताया उपरोक्त आयोजन स्थानीय श्री हेमेंद्रसूरी भवन में आयोजित होंगे जिसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। Post navigation अचानक ट्रांसफर किए गए पेटलावद टीआई बोले- कोई शिकवा-शिकायत नहीं, अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट 28 मार्च से पहले वसूली जमा करने वाले किसानों को तत्काल ऋण देना होगा