मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आज आम्बुआ कस्बे में साप्ताहिक हाट बाजार का दिन था यह हाट बाजार विगत दिनों से चले आ रहे लॉक डाउन के कारण से निरस्त किया हुआ है। मगर रोजमर्रा की जरूरी सामान के लिए ग्रामीण बाजार में आते जरूर है जिन्हें सुरक्षा में लगे जवान भगा देते हैं जो कि उनकी मजबूरी है इसके बावजूद कई ग्रामीण सामान मिल जाने की आस में इधर-उधर लॉक डाउन की परवाह किए बगैर मास्क लगाए दौड़ते भागते देखे गए इन्होंने सोशल डिस्टेंस का भी कुछ पता नहीं है । 22 मार्च के बाद से क्षेत्र में नियमित तथा साप्ताहिक हाट बाजार बंद है कभी थोड़ी-बहुत छूट मिलती थी तो भी ग्रामीणों को जरूरत का सामान नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों की यह आदत में शुमार है कि वह भले ही रोज बाजार आए मगर घर गृहस्ती के उपयोग तथा अन्य सामान्य साप्ताहिक हाट बाजार में ही खरीदते हैं ।आज मंगलवार को आम्बुआ का साप्ताहिक हाट बाजार था आदत के मुताबिक ग्रामीण कस्बे में आने लगे लॉक डाउन के कारण बाजार बंद होने के कारण ग्रामीणों का झुंड लॉक डाउन तोड़ कर बगैर किसी सुरक्षा साधन (मास्क) आदि के बाजार में घूमते दिखे जिन्हें सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने समझा कर घरों को रवाना किया । कुछ सामान मिल जाने की आस लिए इधर उधर फिरते भी रहे तथा बगैर दैनिक उपयोग की सामग्री लिए वापस चले गए ग्रामीणों की मांग है कि बाजार कुछ समय के लिए खुले ताकि वह इतनी दूर से चलकर रोजमर्रा के सामान लेने आते हैं वह उन्हें मिल जाए तथा वे अनाज आदि बेच सकें। Post navigation विधायक कलावती भूरिया ने विधायक निधि से डेढ़ लाख रुपए के मास्क ग्रामीणों को किए वितरित केशवनगर रहवासी संघ ने जिला प्रशासन को “कोरोना डोनेशन रिलीफ फण्ड में ₹ 32000 का चेक सौंपा