झाबुआ / अलीराजपुर Live डेस्क ।। भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक का त्यौहार रक्षाबंधन यानी रक्षा की कामना लिए कच्चे धागों का ऐसा बंधन जो पुरातन काल से इस सृष्टि में रक्षा के आग्रह और संकल्प के साथ बांधा और बंधवाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके लिए मंगल कामना करती हैं। तो वहीं, भाई भी अपनी बहनों को इस पवित्र बंधन के बदले उपहार देने के साथ ही उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं। रक्षाबंधन के पर्व का संबंध रक्षा से है। देखा जाए तो रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन का त्योहार नहीं है बल्कि ये इंसानियत का पर्व है। यह अनेकता में एकता का पर्व है, जहाँ जाति और धर्म के भेद-भाव को भूलकर एक इंसान दूसरे इंसान को रक्षा का वचन देता है और रक्षा सूत्र में बंध जाता है। रक्षा सूत्र के विषय में श्रीकृष्ण ने कहा था कि रक्षा सूत्र में अद्भुत शक्ति होती है। राखी बांधने का शुभ मुहुर्त रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा का आरंभ 17 अगस्त से हो रहा है। मकर इस दिन दिनभर भद्रा रहेगी इसलिए रक्षाबंधन का पर्व 18 अगस्त को ही मानना शुभ होगा। 18 अगस्त को दोपहर 02.56 मिनट के पहले राखी बाँधी जा सकती है क्योंकि इसके बाद भाद्रपद मास आरम्भ हो जाएगा। Post navigation बहुओ को राखी पर मायके छोडने जा रहे ससुर को छोटी बहु सहित लुटा कार रुकवाकर की लूट की वारदात