रितेश गुप्ता, थांदला भील आदिवासियों के मान .सम्मान .स्वाभिमान की सुरक्षार्थ भीली अस्मिता शरणार्थ राजनीति से परे धर्म से परे सोचते हुए पूरी मानव प्रजाति सहित जीव-जगत, सृष्टि प्रकृति की सुरक्षार्थ भील एवं उपसमूह के जीवन मूल्यों भीली पुरखाई पूजा पध्दति भीली. संस्कृति भीली समाज व्यवस्था का संरक्षण और नॉन ट्राइबल भील प्रदेश राज्य बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है । हमारी भावनाओं, पुरखों के जीवन मूल्यों मानव प्रजाति सहित जीव जगत की सुरक्षार्थ भील प्रदेश राज्य बनाने की संवैधानिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया संविधान एवं लोकतंत्र सम्मत शुरू करने को ले कर आवेदन सौंपा। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष बलवेंद्रसिंह वसुनिया, लतेश अड़,दिनेश सिगाड,सुभाष डामोर, राजु डामोर, अशोक मकवाना, सुनिल मणिया, आशिष डामोर, जोगी मकवाना, बिनु मकवाना,अनुप खडिया, राहूल मकवाना, निलेश कतिजा, निलेश भुरिया, प्रेम मकवाना,शैतान सिगाड,संतोष डामोर,उदयसिंह गरवाल, वीरेंद्र सिंगार, देवीलाल मच्छार, पिंटू डामोर, नरेश डामोर,फुरेज मुणिया, दिलीप भाबोर रवि कटारा, सुनील टारा आदि उपस्थित थे। Post navigation तहसीलदार की फेसबुक आईडी कर हेक कर ₹10 हजार की कर डाली डिमांड ग्रामीणों में बड़ी टीकाकरण लगवाने के प्रति जागरूकता, वन कन्या आश्रम नोगावा पर हुआ 504 लोगो का टीकाकरण