बुरहान बंगड़वाला, झाबुआ

सृष्टि की निर्माता स्त्री है इसीलिए देवता भी उसका गुणगान करते हैं। साक्षरता के क्षेत्र में झाबुआ ज़िला पिछड़ा ज़िलों की श्रेणी में आता है। मुझे ख़ुशी है कि भारतीय स्त्री शक्ति के पाँच सूत्रों में शिक्षा विषय भी है। हम सभी को मिलकर इस ज़िले में शिक्षा के लिए कार्य करना चाहिए। 

यह बात भारतीय स्त्री शक्ति के स्थापना दिवस पर “राष्ट्र निर्माण में स्त्री शक्ति” पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सूरज डामोर ने कही। उक्त पुस्तिका में संगठन के 33 वर्षों के कार्य, गतिविधियों व उपलब्धियों का विस्तृत वर्णन है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. रुद्रिका मिश्रा ने कहा कि नारी उत्थान के लिए भारतीय स्त्री शक्ति श्रेष्ठ कार्य कर रही है। संगठन के पाँचों उद्देश्यों पर कार्य सम्पूर्ण देश में यदि कार्य होता है तो निश्चित ही नारी सशक्तिकरण के नए स्थापित होंगे। 

पुस्तक के विषय में जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष किरण शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक संगठन के अब तक के कार्यों का सिंहावलोकन है। इस पुस्तक में  संगठन के 33 वर्षों के कार्यों, गतिविधियों व उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी है। कार्यक्रम में नगर की समाज कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने वाली 40 से अधिक महिलाएँ उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन संगठन सचिव वंदना जोशी ने किया। अतिथि परिचय ज्योत्सना ने दिया। संगठन गीत कीर्ति दवाल ने लिया साथ ही आभार प्रदर्शन कीर्ति गौड़ ने किया।। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अर्चना सिसोदिया, अंजु शर्मा, लता देवल, प्रियंका जोशी, रेणु कछावा की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

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