मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ 

 आदिवासी समुदाय की संस्कृति का एक वर्ष में होली दहन के पूर्व साप्ताहिक हाट बाजार के दिन लगने वाले मेलों को भगौरिया मेला कहा जाता है ।आम्बुआ में आज 23 मार्च को सुबह से दोपहर 4 बजे तक यह आयोजन हुआ जिसमें ग्रामीणों तथा शहरी सभी लोगों ने खाने पीने से लेकर झूले चकरी आदि का आनंद उठाया प्रशासनिक दृष्टि से यह आयोजन सफल रहा । हालांकि कोरोना की गाइड लाइन का भी जमकर मखौल उड़ाया गया ।

वर्ष में एक बार साप्ताहिक हाट बाजार के दिन होली पूर्व एक हफ्ते तक भगोरिया मेले का आयोजन होता है ।इस बार कोरोना के कारण इस आयोजन के विषय में आशंका थी कि भगौरिया मेले का आयोजन रद्द हो जाएगा । मगर क्षेत्रवासियों एवं राजनीतिक दलों की इच्छा के आगे प्रशासन ने जिन शर्तों के साथ आयोजन की अनुमति दी थी उनमें से ना तो सैनिटाइजर न मास्क और ना ही शारीरिक दूरी का कोई पालन हो सका ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भले मास्क स्वयं लगाकर घूमते रहे ।मगर उन्हें किसी को इस ओर प्रेरित किया हो ऐसा दिखाई नहीं पड़ा मेले में खाने से लेकर पीने तक की अच्छी बिक्री रही । प्रशासन की मंशानुसार 3 बजे भगौरिया का समापन कराया गया राजनीतिक रूप से जहां क्षेत्रीय विधायक  कलावती भूरिया (कांग्रेस) ने आम्बुआ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई ।वहीं भाजपा की ओर से मंडल अध्यक्ष जुवानसिंह रावत तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे ग्राम पंचायत की ओर से पानी तथा टेंट की व्यवस्था की गई जिला प्रशासन की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)  लक्ष्मी गामड़ तथा तहसीलदार केएल तिलवारी हल्का पटवारी जितेंद्र डुडवे, पंचायत सचिव गिलधार सिंह चौहान आदि पूरे समय उपस्थित रहे।

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