रितेश गुप्ता, थांदला श्रावण मास की पूर्णिमा पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी स्थानीय वैकुंठ धाम गुरुद्वारा पर परम्परागत ढंग से किया गया। विप्रजनों को पंडित आचार्य श्रीरंग, पंडित आचार्य केदारेश्वर, पंडित आचार्य सुरेंद्र, रवि आचार्य द्वारा श्रावणी उपाकर्म विधी पूर्ण करवाई गई। अवसर पर बड़ी संख्या में भूदेव ब्राह्मण उपस्थित हुए। श्रावणी उपाकर्म मे जनेऊ धारक अपनी जनेऊ परिवर्तित करते हैं। Post navigation खडे करते ही झुकने लगे बिजली के नये खंभे आवारा नगर में विचरण कर गंदगी फैला रहे पालतु पशु, नागरिक परेशान