शान ठाकुर, पेटलावद

क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना को लेकर रविवार को एक अनोखी धार्मिक एवं पारंपरिक पहल देखने को मिली। क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा हो, खेत-खलिहान लहलहा उठें और किसानों की फसलों को भरपूर पानी मिल सके, इसी उद्देश्य से प्राचीन मान्यता के अनुसार एक जीवित व्यक्ति की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई। इस अनूठे आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक एवं पारंपरिक माहौल बना रहा।

 *राम मोहल्ला से मुक्तिधाम तक निकली शवयात्रा, गूंजता रहा ‘राम नाम सत्य है’* 

प्रतीकात्मक शवयात्रा की शुरुआत शहर के राम मोहल्ला से हुई। इसके बाद यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए मुक्तिधाम पहुंची। यात्रा में शामिल लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए “राम नाम सत्य है” का उद्घोष कर रहे थे। पूरे आयोजन के दौरान लोगों ने इसे वर्षों पुरानी लोक परंपरा बताते हुए श्रद्धा और आस्था के साथ भागीदारी निभाई। रास्ते भर लोगों की भीड़ इस अनोखे आयोजन को देखने के लिए जुटी रही।

 *प्राचीन टोटका, अच्छी बारिश की कामना का प्रतीक* 

यात्रा का नेतृत्व कर रहे पंडित पीयूष जोशी ने बताया कि यह क्षेत्र की प्राचीन लोक परंपरा और टोटका है। मान्यता है कि जब वर्षा कम होती है या बारिश का इंतजार लंबा हो जाता है, तब अच्छी वर्षा की कामना से जीवित व्यक्ति की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली जाती है। इस आयोजन का उद्देश्य केवल प्रकृति से अच्छी बारिश की प्रार्थना करना और किसानों की खुशहाली की कामना करना है। उन्होंने कहा कि सभी ने मिलकर क्षेत्र में समय पर और भरपूर वर्षा होने की प्रार्थना की, ताकि किसानों को राहत मिले और उनकी फसलें बेहतर हो सकें। इस दौरान बड़ी संख्या में नगरवासी, श्रद्धालु एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और किसानों के प्रति चिंता का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

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