हरीश राठौड़, पेटलावद भगवान निलकंठेश्वर महादेव लवाजमे के साथ अपनी प्रजा का हाल चाल जानने निकले। महाकाल मित्र मंडल के तत्वावधान में भगवान निलकंठेश्वर की शाही सवारी निकाली गई जिसमें विशेष आकर्षण का केंद्र कहार समाज के युवाओं ने अपनी पारपंरिक वेशभूषा में भगवान भोलेनाथ की डोल को पूरे रास्ते उठाते हुए चले। इसके साथ ही डीजी की धुन पर भगवान भोलेनाथ के भजनों पर नाचते गाते युवा और बग्घी के अंदर भगवान का आकर्षक झांकी ने सभी का मन मोह लिया। नगर में अधिकांश घरों के बाहर भगवान की आरती पूजा कर स्वागत किया गया। इस मौके पर नगर के प्रमुख मंदिरों पर आरती का आयोजन भी किया गया। इस बार शाही सवारी की विशेषता यह रही कि स्थानीय कलाकारों ने ही मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर स्थानीय कलाकारों ने नृत्य और जूडो-कराते व अपनी अन्य कलाओं का प्रदर्शन किया जिसे नागरीकों ने सराहा। भगवान की शाही सवारी निलकंठेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर नया बस स्टैंड से सिर्वी मोहल्ला, गणपति चौक, सुभाष मार्ग कहार मोहल्ला,गांधी चौक, पुराना बस स्टैंड होते हुए पुन: निलकंठेश्वर मंदिर पहुंची जहां पर रात्रि 12 बजे भगवान की महाआरती का आयोजन कर प्रसादी वितरण किया गया। आकर्षक श्रंगार- इसके साथ ही मंदिर में विराजित भगवान महाकाल के लिंग का आकर्षक श्रंगार किया गया जिसमें भगवान गणेश और श्री की आकृति उकेरी गई, जिसके दर्शन लाभ लेने के लिए श्रद्वालुओं की भीड़ लगी। Post navigation हिंदुवादी संगठनों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंप कहा- गौवंशीय पशुओं को अब आवारा छोड़ा गया तो गोपाल गौशाला के करेंगे सुपूर्द मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद यात्रा का ऐतिहासिक स्वागत, पारा को दी कई सौगात