जोबट। विश्व आदिवासी दिवस के शुभ अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम में ग्राम देहदला निवासी लोक लेखिका दिप्तेश्वरी गुथरे पिता मोहब्बत सिंह गुथरे के द्वारा क्षेत्रीय भिलाली बोली में बनाई गई वर्णमाला का विमोचन हुआ। दिप्तेश्वरी गुथरे का कहना है कि इस वर्णमाला को बनाने का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के प्रति रुचि जाग्रत करने में सहायक होगी । नई शिक्षा नीति एवं शिक्षाविद भी यही कहते है बच्चों का शिक्षण अपनी मातृभाषा में होगा तो वह रुचि पूर्ण तरीके से शिक्षा प्राप्त करने के लिए तत्पर रहेंगे साथ ही उनका आत्मविश्वास पढ़ाई के प्रति बढ़ेगा और वह अपनी शिक्षा को जारी रखने के लिए प्रेरित होंगे। Post navigation विश्व आदिवासी दिवस पर आदिम संस्कृति के रंगों दिखे युवा-युवतियां, ड्रेस कोड में पहुंचे समाजजन आदिवासी कोटवाल समाज संगठन ने जाति प्रमाण पत्र बनाने पर दिया जोर