अलीराजपुर लाइव के लिए फिरोज खान की रिपोर्ट- आदिवासी समाज की आन-बान और शान भोंगर्या हाट बाजार की प्रसिद्धि का आलम यह है कि इसे देखने देश ही नहीं अपितु विदेशों से भी सैलानी आते हैं। भोंगर्या झूले-चकरी, माजम, मीठे पकवान, टेटू गुदवाना आदि के लिए विश्व प्रसिद्ध है। फागुन मास में लगने वाला भोंगर्या आदिवासी समाज के लिए विशेष महत्व रखता हे क्योंकि रबी की फसल हो चुकी होती है, ताड़ी आ चुकी होती हैष।मजदूरी के लिए पलायन वाले की भी घर वापसी हो जाती है। सभी लोग भोंगर्या हाट बाजार में जाकर अपने संगे संबन्धियों, रिश्तेदारों से मिलकर खुशहाली की खबर लेते एवं होली का न्योता देते हैं। जिले का विश्व प्रसिद्ध वालपुर भोंगर्या देखकर अपने घर लौटते समय जिले में इनके दुर्घटनाएं होकर ग्रामीण मौत के गाल में समां जाते हैं। जयस ने ग्रामीणों से अपील की कि वे भोंगर्या पर्व मनाने के लिए दोपिहया वाहनों से आए तो हेलमेट जरूर लगाए। वहीं ओवरलोड वाहनों में यात्रा नहीं करे, जिससे वह भोंगर्या पर्व मनाकर अपने घर सुरक्षित लौट सके। Post navigation भाजपा गेर में दिखाई सरकारी अफसरों ने खिंचवाए फोटो सकल व्यापारी संघ ने किया होली मिलन समारोह का आयोजन