जितेन्द्र वाणी, नानपुर जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में पुराने बस स्टैंड से गांधी तिराहे तक बनाए जा रहे डिवाइडर रोड आधा ही बन पाया है जिसकी लागत लगभग 14 लाख रुपए से बनाया गया है। इस सड़क को बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने तीन माब तक मुख्य मार्ग को बंद कर रखा था जिससे आम जनता आए दिन परेशान होती रही। जिम्मेदार ग्राम पंचायत वो ठेकेदार की मिलीभगत से यह सड़क दो माह में ही उखड़ कर गिट्टी में नजर आ रही है सड़क बनाते समय बगैर मापदंडों के बनाया गया था बनाते समय ना तो नालियों का निकास रखा गया है और ना ही उच्च क्वालिटी की सीमेंट का उपयोग इस निर्माण कार्य में देखने को मिला। आज आम जनता और दुकानदार सड़क से निकलने वाली हल्की सीमेंट वह धूल से परेशान हो रही है। क्या जिला प्रशासन घटिया निर्माण का पैरोकर ठेकेदार पर कार्रवाई करेगा…? जिम्मेदार बोल- सावन सिह मारू सरपंच – जहां-जहां सड़क उखड़ रही है वहाँ फिर से सड़क बनाएंगे जब सड़क बनाई जा रही थी उस समय वाहनों के चलने से सड़क उखड़ रही है, उस स्थान पर जल्द ही मरम्मत का कार्य किया जाएगा। Post navigation कई वर्ष पुराने करोड़ो के गबन मामले में अब इन 12 अधिकारियों के खिलाफ होगी एफआईआर; आदेश हुए जारी .. कोरोना की दूसरी लहर : कहीं लापरवाही भारी न पड़ जाए क्षेत्रवासियों को ….?