सलमान शैख@ झाबुआ Live ग्राम पंचायत खोरिया की सरपंच जोगड़ीबाई देवदा को सरपंच नियुक्त किया गया है। यह आदेश बुधवार को कलेक्टर द्वारा जारी किया गया। जिसमें बताया गया कि जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा 15 मार्च को प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार और मप्र शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक 84/एफ-16-5/2020/22/पं-2 द्वारा प्रदत्त मार्गदर्शन के अनुसार व अधिसूचना में प्रदत्त निहित शक्तियों का उपयोग करते हुए ग्राम पंचायत खोरिया के कार्यकलापों के सुचारू संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था स्वरूप् ग्राम पंचायतों का पुर्नगठन होने अथवा आगामी आदेश तक ग्राम पंचायत खोरिया की प्रशासकीय समिति के सदस्यों यानि पंचों में से श्रीमती जोगड़ीबाई देवदा को प्रधान नियुक्त किया जाता है। प्रशासकीय समिति के प्रधान एवं ग्राम पंचायत के सचिव, मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 66 एवं सुसंगत नियमों के अनुसार ग्राम पंचायत के खातों से राशि का आहरण सक्तिकरण कर सकेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। यह था मामला- गौरतलब है कि विगत 2 फरवरी को पेटलावद की ग्राम पंचायत खोरिया की सरपंच श्रीमति शंभुड़ी अरड़ द्वारा शासकीय राशि का दुरूपयोग के मामले में सरपंच पद से हटा दिया था। इसके बाद सरपंच का पद रिक्त हो गया। शंभुड़ी के खिलाफ शासकीय राशि कें दुरूपयोग और अनियमितताओं की शिकायत सही पाई गई थी और सरपंच शंभूड़ी पति रामलाल अरड़ के विरूद्ध मप्र पंचायत राज एवं ग्राम राजस्व अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच में प्रधान को आर्थिक अनियमितता का दोषी पाए जाने पर द जर्नल क्लोजज एक्ट 1897 की धारा 16 के तहत प्रधान पद से प्रथक करने के आदेश जारी किए गए थे और सात दिवस में नए प्रधान की नियुक्ति के आदेश भी दिए गए थे। इसके बाद यह नियुक्ति की गई। सचिव से भी होना है रिकवरी, अब तक नही हुई कोई कार्रवाई- खोरिया पंचायत के तत्कालिन सचिव दिनेश भूरिया से भी उक्त मामले में करीब 10 लाख रूप्ए से अधिक की वसूली होना थी, लेकिन जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की ओर से अब तक सचिव दिनेश भूरिया पर कोई कार्रवाई नही की गई। न ही सचिव की ओर से अब तक वसूली की कोई राशि जमा करवाई गई है। दर्ज होना चाहिए एफआईआर- इस पूरे मामले में प्रधान को भले ही हटा दिया हो और उसकी जगह नए प्रधान की नियुक्ति कर दी गई हो, लेकिन ऐसा कृत्य करने वालो पर एफआईआर दर्ज होनी थी, लेकिन ऐसा कोई भी कार्रवाई के लिए अभी तक जिला स्तर से कोई निर्देश जनपद पंचायत सीईओ को नही मिला है। जिससे दोषियों पर अपराध दर्ज किया जा सके। अभी जांच चल रही है- पेटलावद जनपद पंचायत के सीईओ अमित व्यास ने चर्चा में बताया कि अभी इस पूरे मामले में जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शासकीय राशि की रिकवरी भी की जाएगी। Post navigation अवैध डेटोनेटर और जिलेटिन मामले में प्रशासन की एक और बड़ी कार्रवाई; देखिए … अनियमिततओं और उदासीनता के चलते कलेक्टर ने की इस ग्राम रोजगार सहायक की सेवा समाप्त