बड़वानी। जिले सहित मध्य प्रदेश के ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों के शासकीय स्कूलों में खेल शिक्षकों (पीटीआई) की नियुक्ति, रिक्त पदों की वास्तविक जानकारी सार्वजनिक करने तथा आगामी पीटीआई भर्ती में 5000 अतिरिक्त पद बढ़ाने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में खेल शिक्षक एवं पीटीआई अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष माननीय श्री अंतर सिंह आर्य को आवेदन प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि बड़वानी जिले के जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में खेल शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। खेल शिक्षक नहीं होने से ग्रामीण एवं जनजातीय छात्र-छात्राओं को खेल प्रशिक्षण और अपनी प्रतिभा निखारने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

आवेदन में मांग की गई है कि बड़वानी जिले के ग्रामीण अंचलों के शासकीय स्कूलों का भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए। सर्वे के दौरान स्कूलों में उपलब्ध खेल मैदान, खेल सुविधाएं, खेल सामग्री तथा खेल शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकता और रिक्त पदों की स्थिति का आकलन किया जाए।

अभ्यर्थियों ने यह मुद्दा भी उठाया कि कई शासकीय स्कूलों में खेल शिक्षकों के पद रिक्त होने के बावजूद संबंधित विभागों के ऑनलाइन पोर्टल पर रिक्तियों की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं की जा रही है। उन्होंने मांग की कि वास्तविक रिक्त पदों की जांच कर उन्हें पोर्टल पर अपडेट किया जाए, ताकि योग्य एवं प्रशिक्षित युवाओं को भर्ती और अतिथि शिक्षक के रूप में अवसर मिल सकें।

अभ्यर्थियों के अनुसार नई शिक्षा नीति की भावना बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है, जिसमें खेल और शारीरिक शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में प्रशिक्षित खेल शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है।

उन्होंने प्रधानमंत्री के 2036 ओलंपिक विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में खेल प्रतिभाओं की पहचान जमीनी स्तर से किए जाने की आवश्यकता है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में स्कूल स्तर के खेल शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पीटीआई अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार से आगामी भर्ती में कम से कम 5000 अतिरिक्त पदों की वृद्धि करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही स्कूलों में खेल शिक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

इस दौरान रेवसिंग चौहान, योगेश भोसले, राजेश तोरोल, ज्ञानसिंह सोलंकी, अशोक जमरे, मनीष वास्कले एवं जीतेन खेड़कर उपस्थित रहे।

इस संबंध में एडवोकेट सुमेर सिंह बड़ोले ने आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से मामले में संज्ञान लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक जांच और कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।

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