शान ठाकुर, पेटलावद 

गुरुकुल अकादमी पेटलावद के आग्रह पर शुक्रवार को  स्कूल में अध्यनरत बच्चों द्वारा घर में मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया गया. इस दौरान स्कूल छात्रों ने अभिभावकों का सम्मान किया ।. छात्रों ने अपने परिजनों की आरती उतारकर आशीर्वाद लिया.

गुरुकुल अकादमी ने 14 फरवरी को भारतीय संस्कृति के अनुसार मातृ पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने के लिए विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को रूपरेखा बताई  गई । इस पर विद्यालय परिवार द्वारा बच्चों को अपने घर पर शाम 7 बजे से 8 बजे तक मातृ पितृ पूजन दिवस मनाने को लेकर कहा गया । इस अवसर पर  बच्चों ने अपने परिजनों के आगे नतमस्तक होकर उनका अभिवादन किया। माथे पर तिलक लगाकर माल्यार्पण कर उनकी आरती उतारी तथा कविता ,लेख आदि के माध्यमो से अपने भाव व्यक्त किये । छात्रों ने माता-पिता का जीवन में महत्व उक्त कार्यक्रम के माध्यम से जाना।

इस कायर्क्रम में 441 छात्रों ने अपने माता पिता का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। अभिभावकों ने कहा कि ये विद्यालय की अच्छी पहल है. इससे बच्चों के मन पर एक  सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और माता-पिता के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा। इस तरह के आयोजनों से बच्चों को सांस्कृतिक शिक्षा मिलेगी जो उनकी उन्नति में सहायक सिद्ध होगी ।

 श्री विश्ववमंगल धाम तारखेड़ी के गादीपति पंडित ऋषिराज जी वैष्णव ने कहा कि विद्यालय द्वारा इस दिन जो पर्व का आयोजन किया गया है. इसका उद्देश्य हमे समझना होगा कि माता-पिता का सम्मान करना चाहिए, शास्त्रो ने बताया है कि क्योंकि पहली गुरु माँ हैं ओर हर परिस्थिति में पिता आधार रूप में बच्चो के साथ खड़े रहते है इसलिए ये हमारे जीवन के सर्वोच्च सम्मानीय है  । इस अवसर पर पेटलावद के भागवताचार्य और कथावाचक  पंडित पंकज नरेंद्रनंदन दवे ने गुरुकुल अकादमी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसी तरह के कार्यक्रम गुरुकुल परिवार आगे भी करे और अपनी संस्कृति को बनाये रखे । उन्होंने बच्चों को शास्त्रोक्त मंत्रो के आधार  पर माता पिता का महत्व समझाया ओर सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की 

छात्र  अजय गणावा ने बताया कि हमें भी हमारी संस्कृति के बारे में जानने का मौका मिला और हमारे माता पिता के प्रति भावो को व्यक्त करने का एक अवसर विद्यालय द्वारा हमे प्रदान किया गया । इससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिला मातृ पितृ पूजन दिवस मनाने का विद्यालय का फैसला उचित है, और वो भी इसका समर्थन करते हैं.

 इस अवसर पर संचालक आकाश चौहान और प्राचार्य अतुल मेहता ने धर्माचार्यो ओर सांस्कृतिक विद्वानों के आशीर्वाद के लिए धन्यवाद दिया और विद्यार्थियों से अपील की माता पिता के प्रति यह श्रद्धा भाव कार्यक्रम तक सीमित न हो कर स्थाई रूप से हमारे हृदय में रहे।

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