थांदला—कैथोलिक डायसिस झाबुआ युवा निर्देशन समिति द्वारा आयोजित आदिवासी ढोल मांदल पर नृत्य प्रतियोगिता थांदला मिशन स्कूल परिसर में सम्पन्न।प्रतियोगिता का शुभारंभ क्षेत्र के विधायक वीरसिंग भूरिया के मुख्य आतिथ्य और सब्बू रावत द्वारा किया गया। जबकि प्रतियोगिता का समापन व पुरुस्कार वितरण थांदला नगर परिषद अध्यक्ष बंटी डामोर के द्वारा किया गया। उन्होंने आपने उद्धबोधन में कहा कि आदिवासी संस्कृति को बचाए रखना हम सबका कर्तव्य है। आजकल डी जे व अन्य वाद्य यंत्रों से हमारे मूल वाद्य यंत्र ढोल व मांदल को भूलते जा रहे है जो हमारी आदिवासी संस्कृति पर आघात है। कैथोलिक युवा निदेशन द्वारा यह एक सराहनीय कदम है । उन्होंने नृत्य दल और आयोजन समिति के सदस्यों को बधाई दी। व पुरुस्कार वितरण मिया। प्रतियोगिता का प्रथम पुरुस्कार झापादरा को द्वितीय पुरुस्कार गोपालपुरा(भगोर) व तृतीय पुरुस्कार झाबुआ को दिया गया।प्रतियोगिता में कुल 14 टीमों ने भाग लिया भाग लेने वाली टीमों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। वजोत्रिओं को विशेष पुरुस्कार दिया गया। इस प्रतियोगिता की खास विशेषता यह थी कि प्रतियोगी व अन्य प्रेरक भीली ड्रेस धोती झुलडी व साफा पहने थे जबकि युवतियां आदिवासी पहनी थी साथ मे सिर्फ भीली भाषा(बोली) में कार्यक्रम का संचालन संचालक गण कर रहे थे मुख्य अतिथियों नेभी भीली में अपना संबोधन दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में युवाओं व कर्मचारियों ने विशेष सहयोग किया कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर अरुण कटारा नेकिया व आभार मालहिंग कटारा ने माना।

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